गोरखपुर | सूर्य प्रकाश ओझा
होम डिलीवरी में लापरवाही पर गंगा गैस एजेंसी पर 33 लाख का जुर्माना, उपभोक्ताओं को रातभर लाइन में खड़ा करने के आरोप सही पाए गए
गोरखपुर की चर्चित गंगा गैस एजेंसी पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी Bharat Petroleum ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 33 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं की लगातार मिल रही शिकायतों और जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद की गई।
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उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं देना
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लोगों को गैस गोदाम के बाहर लंबी लाइन में खड़ा करने के लिए मजबूर करना
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रातभर खुले आसमान के नीचे इंतजार कराने जैसी अव्यवस्था
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वितरण में पारदर्शिता की कमी और मनमानी
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कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं से अभद्र व्यवहार के आरोप
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रात से लाइन, सुबह भी नहीं मिलता सिलेंडर
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सिलेंडर पाने के लिए उपभोक्ताओं को शाम से ही गोदाम के बाहर लाइन लगानी पड़ती थी। कई महिलाएं, बुजुर्ग और दूर-दराज से आने वाले लोग पूरी रात इंतजार करने के बावजूद खाली हाथ लौट जाते थे।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि वितरण शुरू होने के बाद अक्सर यह कह दिया जाता था कि “स्टॉक खत्म हो गया” या “गैस उपलब्ध नहीं है”।
कंपनी की जांच में पाया गया कि एजेंसी ने उपभोक्ता सेवाओं में गंभीर लापरवाही बरती और कंपनी के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया। खासतौर पर होम डिलीवरी व्यवस्था में कोताही को कंपनी ने गंभीर मिसकंडक्ट माना।
कंपनी की सख्त चेतावनी
बीपीसीएल अधिकारियों ने साफ कहा है कि सभी गैस एजेंसियों को समयबद्ध और सुविधाजनक होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। भविष्य में दोबारा ऐसी शिकायतें मिलने पर एजेंसी का लाइसेंस तक निरस्त किया जा सकता है।
उपभोक्ताओं को अब राहत की उम्मीद

