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मुंबई.
हिंडेनबर्ग की ताजा रिपोर्ट पर अडानी समूह का बयान का बयान आया है।
अडानी ग्रुप ने सभी आरोपों को निराधार बताया है और दावा किया है की हिंडेनबर्ग ने भारतीय कानूनों का उल्लंघन किया है। हिडनबर्ग की रिपोर्ट को अडानी ग्रुप ने बेबुनियाद करार दिया है।
हिंडेनबर्ग ने कल देर रात जारी नई रिपोर्ट में सनसनीखेज दावा किया है की सेबी की चेयरमैन मधाबी बुच और उनके पति का अडानी ग्रुप से जुड़ी ऑफशोर कंपनियों और फंड में 10 मिलियन अमेरिकन डॉलर का इन्वेस्टमेंट था जो सिंगापुर, बरमूडा जैसे टैक्स हेवेन देशों में खोले गए अकाउंट्स के जरिए निवेश किया था। ये निवेश उन्ही फंड्स में जिन पर आरोपों की जांच सेबी को सौंपी गई थी।
हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया है माधवी बुच के पति धवल बुच ब्लैकस्टोन फंड में सीनियर एडवाइजर हैं और वहां भी उन्होंने बड़ा मैनिपुलेशन किया है। एक ट्रेडिंग फर्म का भी नाम आया है जिसमें सेबी चेयरमैन के 99 प्रतिशत शेयर पाए गए हैं।
हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट में अडानी ग्रुप के बजाय सेबी चेयरमैन पर ज्यादा बड़े खुलासे हैं। जिसको लेकर बाजार, राजनीति, कॉरपोरेट और इंटरनेट पर हंगामा बरपा है।
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