अंग्रेजी विभाग की अनूठी पहल ,क्लास के पहले विभागाध्यक्ष एवं विद्यार्थियों ने की कमरे की सफाई फिर अटेंड की क्लास
कुलपति पूनम टंडन का हर बैठक में रहता है स्वच्छता पर जोर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विद्यालय गोरखपुर के अंग्रेजी विभाग के विद्यार्थियों के द्वारा एक अनूठी पहल की गई जिसमें विभागाध्यक्ष प्रो अजय कुमार शुक्ला ने अपनी क्लास लेने के पहले अपनी बेंच एवं पोडियम को साफ किया साथ ही साथ पूरे विद्यार्थियों ने कपड़े से अपनी पूरी बेंच को अच्छी तरीके से साफ कर स्वच्छता का संदेश दिया .विभागाध्यक्ष ने बताया की स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर एक को अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी स्वच्छता दूत अपना कार्य करते हैं लेकिन हमें अपना फर्ज भी निभाना पड़ेगा इसी क्रम में यह अभियान किया गया था जिसमें विद्यार्थियों ने स्वतः सफाई के लिए आगे कदम बढ़ाकर कक्ष को साफ कर पढ़ाई की .प्रोफेसर शुक्ला ने बताया कि कुलपति प्रो पूनम टंडन का मानना है कि हर एक विद्यार्थी को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारी का भी एहसास होना चाहिए विद्यार्थियों ने स्वच्छता के लिए अपना एक कदम आगे बढ़ाया है इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं.
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- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
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