60 शहर, देश के कोने-कोने में प्रोग्राम’, G20 से भी भव्य होगी BRICS की मेजबानी, मोदी सरकार ने बनाया पूरा प्लान*
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ब्रिक्स समिट (BRICS) से सबसे ज्यादा दिक्कत रही है.
- ट्रंप का मानना है कि ब्राजील, रूस, चीन, भारत और साउथ अफ्रीका सहित कुछ नए सदस्य देशों को मिलाकर बना यह गठजोड़ अमेरिका के डॉलर के वर्चस्व को खत्म करने के लिए है.
- यही वजह है कि ट्रंप हर हाल में भारत को इस ग्रुप से निकालना चाहते हैं.
- भारत सहित ब्रिक्स के कई सदस्य देशों पर वो अतिरिक्त टैरिफ भी लगा चुके हैं.
- अब पीएम नरेंद्र मोदी कुछ ऐसा करने जा रहे हैं, जिससे ट्रंप को मिर्ची लगना तय है.
- साल 2023 में G20 की शानदार मेजबानी के बाद अब सरकार की नजरें एक और वैश्विक मंच पर भारत की पहचान चमकाने पर हैं.
- जनवरी 2026 से भारत BRICS की अध्यक्षता संभालने जा रहा है और इसके लिए सरकार ने भव्य योजनाओं का खाका तैयार कर लिया है.
- मोदी सरकार का लक्ष्य साफ है दुनिया के सामने भारत को एक मजबूत, संस्कृति संपन्न और आत्मनिर्भर देश के रूप में पेश करना.
- BRICS की बैठकों का आयोजन देश के 28 राज्यों और 9 केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 60 शहरों में होगा. ठीक उसी तरह जैसे G20 के दौरान देश के कोने-कोने में कार्यक्रम हुए थे. इस बार भी जन भागीदारी यानी लोगों की भागीदारी पर जोर रहेगा, ताकि हर नागरिक को इस गर्व का हिस्सा बनाया जा सके.
- योजना में कई दिलचस्प गतिविधियां शामिल हैं जैसे BRICS थीम वाला पतंग महोत्सव, दिवाली पर पर्यावरण-अनुकूल दीयों से BRICS लोगो की आकृति, शहरों में होलोग्राफिक प्रोजेक्शन, गणतंत्र दिवस पर विशेष टेबुलो और यहां तक कि एयरलाइंस, मेट्रो, बसों और रेल में भी BRICS की झलक दिखेगी.
- इतना ही नहीं, देश के लोकप्रिय उत्सव जैसे केरल का बोट फेस्टिवल, ओडिशा का सैंड आर्ट फेस्टिवल, और गोवा कार्निवल भी BRICS थीम से रंगे जाएंगे.
- इसके अलावा एक विशेष BRICS थीम सॉन्ग तैयार किया जाएगा, जिसे कोई अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भारतीय संगीतकार कंपोज करेगा.
- भारत की योजना है कि G20 की तरह इस बार भी BRICS अध्यक्षता के जरिए देश की संस्कृति, विविधता, और वैश्विक नेतृत्व क्षमता का संदेश दुनिया तक पहुंचे.
- मोदी सरकार चाहती है कि जब 2026 में भारत BRICS की कमान संभाले, तो पूरी दुनिया कहे “यही है नया भारत, जो वैश्विक मंच पर अपने दम पर चमक रहा है.”

