दिवानी कचहरी में पेशी पर आने के बाद फरार हुए हत्या के आरोपी को कैंट पुलिस ने किया गिरफ्तार गोरखपुर ।दीवानी कचहरी से सोमवार को सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हुए हत्यारोपित बंदी सोनू सिंह को गोरखपुर पुलिस ने बस्ती के रूधौली थाना क्षेत्र के सुरवार खुर्द गांव से दबोच लिया।वह अपनी बहन के घर गया था।
सिकरीगंज के बारीगांव में रहने वाले सोनू सिंह ने आठ जनवरी 2021 को रुपये के बंटवारे को लेकर विवाद होने पर अपने बड़े भाई 49 वर्षीय बालेंद्र सिंह की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद आरोपित कुल्हाड़ी लेकर घर पर बैठा रहा। गांव के चौकीदार करिया की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जेल भेजा था। विवेचना में चचेरे भाई उमेश सिंह का नाम पुलिस ने बढ़ाया था।आठ मई 2022 को इस मामले में सिकरीगंज थाना पुलिस ने सोनू व उमेश के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया था।इस मामले में उमेश को जमानत मिल गई थी।जेल में निरुद्ध सोनू की सोमवार को पेशी थी।न्यायालय में पेश होने के बाद लौटते समय वह सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया।जिला कारागार में सोनू बैरक नंबर 22 में निरुद्ध था। गोरखपुर पुलिस ने उसे बस्ती से दबोच लिया है।
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- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
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