गोंडा: डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन हादसे की वजह रेलवे की लापरवाही है. वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों की पांच सदस्य टीम ने रेलवे ट्रैक की मरम्मत में लापरवाही और पटरी को ठीक से कसे न जाने को दुर्घटना का जिम्मेदार ठहराया है. रेलवे की संयुक्त जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि सेक्शन पर ट्रेन को 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाना था, लेकिन सूचना देर से दी गई. जिससे लोको पायलट को सतर्क होने तक का समय नहीं मिला. हादसे के समय 3 मीटर तक पटरी फैल गई.जिससे पावर जनरेटर कार का पहिया उतर गया. लोको पायलट ने झटका लगने पर इमरजेंसी ब्रेक लगाया. उस वक्त ट्रेन की रफ्तार करीब 83 किलोमीटर प्रति घंटा थी.
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