व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सार्थक सेमिनार : लल्लन तिवारी गोरखपुर। उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड द्वारा विपणन विकास सहायता एवं प्रचार प्रसार योजनान्तर्गत एक दिवसीय मंडल स्तरीय माटी कला सेमिनार एवं टूल किट्स प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन कंबल कारखाना खजनी गोरखपुर में मंगलवार को किया गया।
सेमिनार के तकनीकी सत्र को संबोधित करते हुए तकनीकी सत्र विशेषज्ञ मनोज कुमार ने कहा कि आधुनिक युग में कार्य को सुलभ बनाने हेतु बहुत सी मशीन आ गई है जिनके प्रयोग से अपने प्रोडक्ट की अच्छी क्वालिटी के साथ कम से कम समय में अधिक से अधिक उत्पाद में तैयार किया जा सकती है। श्री मनोज कुमार ने कहा कि माटी कला के कारीगरों के लिए जो भट्टी प्रयोग की जाती है वह वस्तुतः दो प्रकार की होती है। जिन्हे अप ड्राफ्ट और डाउन ड्राफ्ट भट्टी के तौर पर जाना जाता है। उन्होंने कहा कि कारीगरों के लिए उत्तम भट्टी वही होती है जो स्थानीय रूप से सर्वसुलभ हो। जिससे सस्ती ईंधन आसानी से प्राप्त हो जाए।उन्होंने कहा कि छोटे स्तर पर कार्य करने पारंपरिक भट्टी का ही इसेमाल करना चाहिए।
सेमिनार के शिल्पकारी सत्र में विशेषज्ञ देवानंद गुप्त ने शिल्पकारों को नए नए गुण समझाए। उन्होंने अपने कहा कि
मृद् भांड नव पाषाण काल से चला आ रहा है किंतु आज वर्तमान समय में पूजा पाठ की सामग्री तक ही सीमित रह गया है। उन्होंने कहा कि कुछ शिल्पकार हैं जो दैनिक जीवन में प्रयोग आने वाली वस्तुओं का निर्माण कर रहे हैं। इन्हीं वस्तुओं का अधिक से अधिक उत्पादन करके अपने व्यवसाय में वृद्धि किया जा सकता है। उन्होंने मृद् भांड सामग्री,गृह निर्माण सामग्री,सजावटी सामग्री एवं मूर्ति खिलौना के निर्माण तथा इनमें आनी समस्याओं के निदान पर प्रकाश डाला। सेमिनार में व्यावसायिक सत्र को संबोधित करते हुए सत्र विशेषज्ञ अजय कुमार ने उत्पादों के बाजार में उतारने से लेकर व्यवसाय की सफलता तक के हर पहलू की चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है जिससे शिल्पकार समृद्ध हो। उन्होंने कहा की माटी कला के व्यावसायिक अवसरों की पहचान उत्पादों की बाजार में मांग उत्पादों की कीमत निर्धारण मार्केटिंग और ब्रांडिंग गुणवत्ता नियंत्रण पैकेजिंग और परिवहन बिक्री और वितरण प्रदर्शनियां और नवाचार पर सरकार जोर दे रही है जिससे शिल्पकारों के व्यवसाय में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न आए और व्यवसाय सुचारू रूप से चले।
इससे पूर्व सेमिनार का उद्घाटन तहसीलदार खजनी कृष्ण गोपाल त्रिपाठी एवं पूर्व विधायक पूर्व सदस्य उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड लल्लन तिवारी परिषेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी ए के पाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। तहसीलदार कृष्ण गोपाल त्रिपाठी ने कहा कि तकनीकी शिल्पकारी तथा व्यावसायिक सत्र में हिस्सा लेने वाले शिल्पकारों के विकास में यह सेमिनार मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने सेमिनार में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।श्री त्रिपाठी ने सेमिनार के उपादेयता पर प्रकाश डाला और सरकार की योजनाओं की जानकारी प्रतिभागियों को दी। सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधायक एवं पूर्व सदस्य उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड लल्लन तिवारी ने सेमिनार की सफलता के लिए आयोजको को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शिल्पियों में उत्साह एवं ऊर्जा भरते है। उन्होंने कहा कि आज का यह सेमिनार हुनरमंद हाथों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। अतिथियों का स्वागत करते हुए परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी ए के पाल ने कहा उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड की योजनाओं से शिल्पकारों को अवगत कराया। शिल्पकारों को टूल किट्स एवं प्रमाण पत्र वितरण भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन नवीन पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम में आर के यादव जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, राम कृष्ण श्रीवास्तव, प्रबंधक ग्रामोद्योग देवरिया, ध्यानचंद आचार्य मंडल यह प्रशिक्षण केंद्र खजनी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में के एम पांडेय, विजय गुप्ता, प्रमोद श्रीवास्तव, मुहम्मद आरिफ, शिवेंद्र सिंह,अरुणेश पांडेय सहित सैकड़ों शिल्पकार मौजूद रहे।
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- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
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