गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
रामगढ़ताल में खुलेगा ‘साई’ का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग पाएंगे खिलाड़ी
गोरखपुर में अब रोइंग खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलने जा रही हैं। रामगढ़ताल स्थित वर्ल्ड क्लास वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (साई) का “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोइंग” खोलने की तैयारी शुरू हो गई है।

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश के बाद खेल विभाग और गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने इसकी रूपरेखा पर तेजी से काम शुरू कर दिया है।
महत्वपूर्ण बिंदु
▶ रामगढ़ताल बना रोइंग का नया राष्ट्रीय केंद्र
बीते तीन वर्षों में रामगढ़ताल और वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स ने देशभर की बड़ी रोइंग प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी कर अपनी पहचान बनाई है।
यहां आयोजित हुई प्रमुख प्रतियोगिताएं—
मई 2023 : खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की रोइंग प्रतियोगिता
अक्टूबर 2024 : सब जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप
मार्च-अप्रैल 2026 : एशियाड तैयारी हेतु राष्ट्रीय महिला टीम का प्रशिक्षण शिविर
12 से 16 मई 2026 : अस्मिता नेशनल महिला रोइंग लीग
17 से 21 मई 2026 : 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप
▶ ‘साई’ सेंटर के लिए गोरखपुर बना पहली पसंद
रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष M. Balaji Maradappa ने कहा कि रोइंग के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए गोरखपुर उनकी “फर्स्ट चॉइस” है।
उनके अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा रामगढ़ताल का कायाकल्प और आधुनिक वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण उत्तर प्रदेश में रोइंग की संभावनाओं को नई दिशा दे रहा है।
सीएम योगी के निर्देश पर तेज हुई तैयारी
हाल ही में जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के दौरान रोइंग फेडरेशन और यूपी रोइंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की मांग रखी थी।
इसके बाद खेल मंत्री Girish Chandra Yadav, खेल सचिव Suhas LY, खेल निदेशक Dr. RP Singh और जीडीए उपाध्यक्ष Abhinav Gopal ने कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं पर मंथन किया।
खिलाड़ियों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनने के बाद खिलाड़ियों को गोरखपुर में ही विश्वस्तरीय ट्रेनिंग, आधुनिक जिम, डॉरमेट्री, कैफेटेरिया और मेडिकल सुविधाएं मिलेंगी।
यूपी रोइंग एसोसिएशन के सचिव Sudhir Sharma के अनुसार साई द्वारा नियुक्त कोच अक्सर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ी होते हैं, जो युवा प्रतिभाओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देंगे।
जीडीए ने कहा — हर मानक पूरा करेंगे


