खजनी उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस पर पहुंचे कुल 67 फरियादी तीन मामले का हुआ निस्तारण.
खजनी गोरखपुर।।
तहसील में आयोजित अगस्त महीने के पहली संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रहे उपजिलाधिकारी कुंवर सचिन सिंह के समक्ष कुल 67 फरियादी अपने प्रार्थनापत्र लेकर पेश हुए। जिनमें तीन मामलों का मौके पर समाधान करा दिया गया। वहीं शेष बचे 64 मामलों के जांच और निस्तारण की जिम्मेदारी संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपी गई है। इस दौरान पानापार गांव की महिलाओं चंदन शुक्ला,उषा,चंद्रप्रभा आदि ने तथा भैंसा नाथू गांव के परमेश्वर मौर्या ने अपने भूमि विवाद से संबंधित मामले के समाधान की गुहार लगाई। वहीं डोंड़ो ग्रामसभा के बिहारी बुजुर्ग गांव के निवासी रामप्रसाद विश्वकर्मा ने परिवार के रहने के लिए आवास न होने की समस्या बताई। सबसे अधिक मामले राजस्व विभाग के दूसरे स्थान पर पंचायत राज विभाग तथा तीसरे पर पुलिस विभाग से संबंधित मामले पेश हुए। उपजिलाधिकारी के साथ मौजूद *तहसीलदार कृष्ण गोपाल त्रिपाठी*, नायब तहसीलदार राम सूरज प्रसाद, राकेश कुमार शुक्ला,आपूर्ति विभाग से गोपाल, पंचायत विभाग के रामपाल चकबंदी अधिकारी राजीव कुमार, सहायक चकबंदी राजन प्रसाद
सहित अन्य बिभागाें के आधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
उप जिलाधिकारी कुंवर सचिन सिंह, तहसीलदार कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, नायाब तहसीलदारगण हरीश यादव, रामसूरत प्रसाद, राकेश कुमार शुक्ला, चकबंदी अधिकारी राजीव कुमार, सहायक चकबंदी राजन प्रसाद एवं अन्य अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
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