आज दिनांक 8.7.2024 को चौकी क्षेत्र सरहरी थाना गुलरिहा में रेखा तिवारी पत्नी काशी तिवारी निवासी जितवापुर निजामत थाना समस्तीपुर जिला समस्तीपुर बिहार हाल पता नारायणी कॉलोनी बिहार मेडिकल कॉलेज के पीछे थाना पिपराइच जनपद गोरखपुर उम्र 40 साल जो पुलिस सब इंस्पेक्टर की वर्दी उत्तर प्रदेश पुलिस की पहनकर लोगों में धौंस जमा रही थी को लोगों की सूचना पर गिरफ्तार किया गया उक्त महिला चौकी सरहरी के महाराजगंज बाजार से गिरफ्तार की गई यह लोगों में पुलिस सब इंस्पेक्टर उत्तर प्रदेश का होने का रोब जमाती थी लोगों से जानकारी प्राप्त की गई तो बताएं कि अक्सर इधर घूम के अपने आप को पुलिस सब इंस्पेक्टर बताती थी और अपना रोब जमाती थी एक दो बार इसे यह पैरवी में पुलिस चौकी पर भी आई थी शंका होने पर इससे पूछ ताछ गया था कि किस बैच की महिला सब इंस्पेक्टर हैं तो यह बताई थी कि कांस्टेबल से प्रमोशन पर हैं इनका कार्य था कि किसी का काम हो तो उनसे पैसा लेकर के पैरवी भी करती थी और कहीं चली जाना दुकानों पर छूट करने के लिए चले जाना रोब जमाना यह एक दो बार पुलिस चौकी पर भी चली गई थी पति इसके गतिविधियों के कारण इसके पास नही रहते ह यह मनोज कुमार मिश्रा के मकान में रहती थी इनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है
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- एनसीसी के पूर्व कैडेट्स का ऐतिहासिक संगम
- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
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