नगर आयुक्त श्री गौरव सिंह सोगरवाल द्वारा महानगर में गोरखपुर क्लब के पास बना रहे पहले सीनियर सिटिजन केयर सेंटर का निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता एवं श्री सत्यांशु आर्किटेक्चर उपस्थित थे श्री सत्यांशु द्वारा सीनियर सिटीजन केयर सेंटर बिल्डिंग के बारे में नगर आयुक्त को जानकारी दी गई इसमें सीनियर सिटीजन व नागरिकों के लिए हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी इसमें एक फ्लोर पर जोनल ऑफिस/शहरी सुविधा केंद्र बनाया जाएगा सीनियर सिटीजन केयर सेंटर दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा जिसका हैंडोवर नगर निगम द्वारा दिसंबर में लिया जाएगा केयर सेंटर में सीनियर सिटीजन के लिए खेल रूम जिम रूम योगा रूम मेडिकल रूम सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी बिल्डिंग में इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन के लिए मुख्य अभियंता को निर्देश दिया गया सिटीजन कैंपस कैंपस को पूर्ण रूप से हरा भरा रखने हेतु बृहद स्तर पर विचारों पर कराया जाएगा नगर आयोग द्वारा प्रत्येक तल का निरीक्षण किया गया एवं निर्माण से संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए सीनियर सिटीजन केयर सेंटर बनने से महानगर के लोगों को बहुत सी सुविधाओं का लाभ एक ही बिल्डिंग में दिया जाएगा
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- एनसीसी के पूर्व कैडेट्स का ऐतिहासिक संगम
- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
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