गोरखपुर, 4 अगस्त 2025: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर में हड्डी रोग विभाग द्वारा “राष्ट्रीय अस्थि एवं जोड़ दिवस” (National Bone and Joint Day) पर एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हर वर्ष 4 अगस्त को मनाया जाने वाला यह दिवस मस्कुलोस्केलेटल (हड्डियों एवं मांसपेशियों से जुड़ी) बीमारियों, उनके निदान, रोकथाम और प्रबंधन को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
इस वर्ष की थीम “पुराना ही सोना है” , बुजुर्गों की 360° देखभाल: गतिशीलता, सम्मान और दीर्घायु सुनिश्चित करना* थी, जो वरिष्ठ नागरिकों के समग्र स्वास्थ्य और उनके सम्मानजनक जीवन की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
कार्यक्रम का आयोजन कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता (सेवानिवृत्त) के मार्गदर्शन में हड्डी रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अजय भारती एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। इस अवसर पर विभाग द्वारा ओपीडी परिसर में मरीजों और उनके परिजनों के लिए निःशुल्क अस्थि घनत्व जांच (Bone Mineral Density Test) की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही ऑस्टियोपोरोसिस, जोड़ों के विकार, पीठ दर्द और बुजुर्गों में हड्डी कमजोर होने जैसी समस्याओं से बचाव के उपायों के बारे में भी परामर्श एवं जानकारी दी गई।
डॉ. अजय भारती ने जानकारी दी कि भारत में 4 अगस्त को राष्ट्रीय अस्थि एवं जोड़ दिवस मनाने की परंपरा भारतीय अस्थि रोग संघ (Indian Orthopaedic Association) द्वारा आरंभ की गई थी। यह दिन न केवल हड्डियों के स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि गठिया, फ्रैक्चर, ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से जनमानस को सतर्क करने का भी अवसर है।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे जीवनशैली गतिहीन होती जा रही है और खानपान में असंतुलन बढ़ रहा है, वैसे-वैसे हड्डियों और जोड़ों की बीमारियाँ युवाओं को भी प्रभावित कर रही हैं। इसलिए आवश्यक है कि उपचार से अधिक बल निवारक देखभाल पर दिया जाए, जिससे एक स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन सुनिश्चित हो सकें ।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मरीजों, परिजनों व स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से सलाह लेकर लाभान्वित हुए।