इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस राममनोहर मिश्र की इस टिप्पणी/फैसले कि’ ‘पीड़िता के ब्रेस्ट पकड़ना, पजामे का नाड़ा तोड़ना…ये रेप की कोशिश का मामला नहीं बनता”, पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। CJI ने कहा– हम हाईकोर्ट के आदेश को खारिज करेंगे और ट्रायल जारी रहने देंगे। मामला UP के जिला कासगंज का है। जहां […]
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस राममनोहर मिश्र की इस टिप्पणी/फैसले कि’ ‘पीड़िता के ब्रेस्ट पकड़ना, पजामे का नाड़ा तोड़ना…ये रेप की कोशिश का मामला नहीं बनता”, पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है।
CJI ने कहा– हम हाईकोर्ट के आदेश को खारिज करेंगे और ट्रायल जारी रहने देंगे।
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मामला UP के जिला कासगंज का है। जहां 14 साल की लड़की ने 3 युवकों पवन, आकाश और अशोक पर रेप के प्रायस की FIR कराई थी। हाईकोर्ट ने इसे रेप के प्रयास का मामला नहीं माना था।