प्लेसमेंट ड्राइव में 58 विद्यार्थियों ने किया प्रतिभाग
गोरखपुर।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एलन कोचिंग द्वारा प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया। इसमें बॉटनी, जूलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, भौतिकी और रसायन विज्ञान विभाग के पीजी के कुल 58 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
वनस्पति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो अनिल द्विवेदी ने बताया कि विभाग की प्लेसमेंट सेल प्रभारी डॉ तूलिका मिश्रा, और डॉ राकेश पाण्डेय के नेतृत्व में बॉटनी के 46 और माइक्रोबायोलॉजी के 4 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने पहले लिखित परीक्षा और फिर साक्षात्कार में शानदार प्रदर्शन किया। एलन समूह द्वारा जल्द ही इसका परिणाम घोषित किया जाएगा। चयनित छात्र -छात्राओं को दो वर्ष का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीसरे वर्ष उन्हें विषय विशेषज्ञ के रूप में अलग-अलग जगहों पर अच्छे पैकेज पर नियुक्ति दी जाएगी।
कुलपति प्रो पूनम टंडन और प्लेसमेंट सेल के समन्वयक प्रो आलोक गोयल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि अच्छी संख्या में चयन होगा।
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- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
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