गोरखपुर। दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोरखपुर के प्राचीन इतिहास, पुरातत्त्व एवं संस्कृति विभाग में नवागत छात्र-छात्राओं के लिए अभिविन्यास कार्यक्रम गरिमामय ढंग से सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) ओम प्रकाश सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण कर डिग्री प्राप्त करना नहीं है, बल्कि यह जीवन मूल्यों, व्यक्तित्व निर्माण और बौद्धिक विस्तार का माध्यम है।
उन्होंने कहा, “किसी भी देश को महान उसके नागरिक बनाते हैं और इतिहास बोध हर नागरिक को उसकी भूमिका के निर्वहन में मार्गदर्शन करता है।
विभाग प्रभारी धीरज कुमार सिंह ने कहा कि यह अभिविन्यास कार्यक्रम केवल विषय परिचय नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और विभाग के बीच एक जीवंत शैक्षणिक सेतु है। डॉ. सुरेन्द्र चौहान ने प्राचीन इतिहास विषय की शैक्षिक एवं शोध परंपरा पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. शिव कुमार ने विषय की उपयोगिता बताते हुए कहा कि इससे शोध, पुरातत्त्व विभाग, संग्रहालय, पर्यटन, अभिलेखागार तथा प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएँ प्रचुर हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. कामिनी सिंह ने किया और आभार ज्ञापन विभाग प्रभारी धीरज कुमार सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
उक्त जानकारी प्रभारी, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शैलेश कुमार सिंह ने दी।