सदाशिव के रुद्रावतार हनुमानजी भक्तों में शिरोमणि: राघव ऋषिजी
ऋषि सेवा समिति, गोरखपुर के तत्वावधान में आयोजित आजाद चौक समीपस्थ दुर्गा चौक स्थित मेहंदी लॉन में श्रीशिवमहापुराण कथा के पंचम दिवस पर काशी निवासी पूज्य राघव ऋषिजी ने कहा कि सदाशिव के एकादश स्वरूप रुद्रावतार हैं हनुमानजी महाराज। मनुष्य को यदि भक्ति द्वारा भगवत्कृपा प्राप्त करनी है तो हनुमानजी का माध्यम ही श्रेयस्कर है। कलियुग में समस्त कथाओं के सूत्रधार हैं हनुमानजी। सुग्रीव, विभीषण, तुलसीदास जी जैसे विभूतियों को भी बजरंगबली ने साक्षात् भगवान से जोड़ा। अविनाशी हनुमानजी को भगवान ने कलियुग में सनातन प्रचार हेतु ही स्थायित्व किया है। जीव यदि अष्टसिद्धि एवं नवनिधि प्रदान करने वाले पवनपुत्र की शरण लेगा तो निरोगी, अतुल बल, विशुद्ध सात्विक जीवन एवं लक्ष्मीसिद्धि में लेशमात्र भी संशय नहीं है।
हनुमानजी के अतिरिक्त शिवजी के विभिन्न अवतारों पर व्याख्यान देते हुए ऋषिजी ने है कि शिवजी प्रमुखतः 18 अवतार लिए हैं जिनमें वीरभद्र, पिप्पलाद, नन्दी एवं अवधूत हैं। शिव के क्रोध से वीरभद्र का जन्म सती के आत्मदाह के बाद हुआ जो दक्ष द्वारा रचित यज्ञ का विध्वंस एवं मारक बने। शनिदेव की पीड़ामुक्ति हेतु पिप्पलाद अवतार हुआ जिन्होंने शनि को श्राप देते हुए कहा कि 16 वर्ष से कम अवस्था के मनुष्य को शनि कुपित नहीं कर सकते तथा पिप्पलाद के स्मरण से शनि के कष्ट का निवारण होता है। ऋषि शिलाद के पुत्र के रूप में नन्दी अवतार हुआ जो भोलेनाथ के प्रमुख सेवक बने। ज्ञान एवं शक्ति से विनम्रता प्राप्त होती है इस सन्दर्भ में इंद्र के अहंकार को समाप्त करने हेतु भगवान ने अवधूत अवतार लिया। इनके अतिरिक्त भगवान सदाशिव ने अनेक सिद्धियों के विधान हेतु तन्त्रमार्गी अवतार भी लिए।
शिवमहिमा का गुणगान पूज्य ऋषिजी के एकमात्र सुपुत्र सौरभ ऋषि ने “जन जन का कल्याण करे मेरा शंभूबाबा” मोहक मार्मिक भजन सुना मंत्रमुग्ध किया भक्त श्रद्धालुओं ने भावनृत्य किया। प्रातः 7:30 बजे से जन्मपत्रिका के माध्यम से पूज्य ऋषिजी ने जनमानस को निःशुल्क समाधान प्रदान किए। 8 बजे से महालक्ष्मी आराधना के क्रम में साधकों का भगवती के निजमंदिर में प्रवेश हुआ।
पोथीपूजन एवं व्यासपूजन मुख्य यजमान श्रीमती गायत्री देवी एवं दीन दयाल शरण कसौधन द्वारा संपादित किया गया। आरती में समिति के सर्वश्री रामाधार वर्मा, बनवारी लाल निगम, सतीश सिंह, सौरभ रुंगटा, कन्हैयालाल अग्रवाल, मुन्नालाल गुप्ता, बिष्णु नन्द द्विवेदी, रामशंकर त्रिपाठी, वीरेंद्र पाठक, यूपीएन सिंह, विकास गुप्ता, भरत गुप्ता, रुद्र प्रताप त्रिपाठी, अतुल तिवारी, मनोज वर्मा, धीरज गुप्ता, धर्मेंद्र गुप्ता, विनय पाण्डेय, राजीव त्रिपाठी, शिवजी वर्मा, विनोद वर्मा, संतोष वर्मा, ओंकार कसौधन, राजू सिंह आदि ने भावपूर्ण आरती संपन्न कर पुण्य प्राप्त किया।
मीडिया प्रभारी श्री विनोद शुक्ल ने बताया कि बुधवार को पूज्य ऋषिजी द्वारा द्वादश ज्योतिर्लिंग प्रसंग पर विशद व्याख्या की जाएगी।

