पीपीगंज।गोरखपुर
सोमवार को बापू स्नातकोत्तर महाविद्यालय पीपीगंज गोरखपुर में भारतीयज्ञानपरम्परायाः उपजीव्यस्रोतांसि वेदा: इस विषयपर व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदविभाग के अध्यक्ष प्रो देवेन्द्र प्रसाद मिश्र उपस्थित रहे । प्रो मिश्र ने बताया कि वेद ही हमारे समस्त ज्ञान के परम्परा के मूल में हैं परंपराएं हमें जीवित रखती हैं परम्परों के माध्यम से ही हमारा समाज आगे जाता है हमारे शास्त्र ही परम्परा के मूल तत्व हैं । स्वागत भाषण में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो मंजु मिश्रा ने कहा कि बदलते हुए समाज को परम्परा नवीन जीवन प्रदान करती है यह प्राचीनता एवं नवीनता का समावेश है । कार्यक्रम का संचालन संस्कृत विभाग के डॉ अतुल कुमार शुक्ल ने किया एवम धन्यवाद ज्ञापन अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष प्रो नित्यानंद जी ने किया कार्यक्रम में डॉ राकेश प्रताप सिंह, डॉ अमित कुमार तिवारी, डॉ संजीत सिंह, डॉ देवनारायण पांडेय, डॉ अनुराग राय, डॉ नितिन कुमार लाल, डॉ सुनील प्रसाद, डॉ प्रमोद कुमार डॉ श्रीराम, डॉ दीपमाला, डॉ प्रेमलता अन्य शिक्षक एवम छात्र छात्राएं उपस्थित रहे ।
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- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
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