तीन बच्चों समेत महिला खुद पर पेट्रोल डालकर खुदकुशी की कोशिश
गोरखपुर कैंपियरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवपुर करमहा की रहने वाली महिला ने पुलिस आफिस में दोपहर 2.30 बजे के करीब खुद पर पेट्रोल छिड़करकर खुदकुशी की कोशिश की। एसएसपी दफ्तर के सामने ही तीन मासूम बच्चों के साथ आई महिला ने खुद पर पेट्रोल डालने के बाद दो बाइ लाइटर से आग लगाने की कोशिश की, लेकिन आग नहीं लगी।
तभी एसएसपी के स्कॉट में तैनात सिपाही हरीश यादव की नजर पड़ गई। उस ओर जैसे ही बढ़ा उसने एक बार फिर लाइटर जलाने की कोशिश की और कहा कि अगर पास आएगा तो आग लगा लुंगी। लेकिन, उसने हिम्मत से उसके हाथ से पेट्रोल और लाइटर छिन लिया। लेकिन, इस दौरान सिपाही हरीश के आग की चपेट में आ जाने की वजह से वह घायल हो गया। जिसे इलाज के लिये जिला अस्पताल इलाज के लिए भेजा दिया गया।
कैंपियरगंज इलाके के शिवपुर करमहा की रहने वाली सुनीता का कहना है कि उसके खेत के बगल में ही कुछ अन्य लोगों का खेत है, जो कब्जा करना चाहते हैं। जबकि, विपक्षी बताते हैं कि उस खेत की सात साल पहले ही रजिस्ट्री करा चुके हैं। पुलिस में मामला जाने के बाद पुलिस ने लेखपाल से पैमाइश की सलाह दी थी। इसके बाद सोमवार की दोपहर महिला अपने तीन बच्चों के साथ पुलिस आफिस पहुंच गई। हाथ में पेट्रोल लेकर आई महिला ने खुद पर पेट्रोल डालने के बाद आग लगाने की कोशिश की। महिला से एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने मुलाकात कर मदद का आश्वासन दिया, लेकिन रजिस्ट्री की बात जानने के बाद समझाने की कोशिश करने लगे।
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- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
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