गोरखपुर: नगर पंचायत बड़हलगंज द्वारा पंचम वित्त आयोग की धनराशि से निर्मित सामुदायिक शौचालय का लोकार्पण विधायक चिल्लूपार राजेश त्रिपाठी ने गुरुवार की शाम किया। रू 20.7 लाख की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय के लोकार्पण के बाद विधायक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि बस स्टेशन पर यात्रियों खासकर महिलाओ को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता था। नगर चेयरमैन ने इस दिक्कत को दूर किया, इसके लिए वो बधाई की पात्र हैं। उन्होंने बताया कि पुरुष और महिलाओं के लिए अलग अलग पांच सीटर शौचालय बना है। यह चौबीस घंटे खुलेगा। इसके लिए दो शिफ्ट में कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। राजेश त्रिपाठी ने बताया कि इसके साथ ही बस स्टेशन पर नेडा द्वारा जो शौचालय बना था, उसके स्थान पर विधायक निधि से दस यूरिनल और दो शौचालय बनाया जाएगा। इसके बन जाने से यात्रियों की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। अन्त में चेयर मैन प्रीति उमर ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।लोकार्पण के समय चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, सुरेश उमर,बृजेश उमर, राकेश राय, दीपक गोंड, राजीव मिश्र, विनय तिवारी, वेदप्रकाश त्रिपाठी, गंगा सागर शाही, प्रशांत शाही, डा बांके मिश्र, रमेश शाही, प्रकाश चन्द पांडेय, अतुल शाही, रवि साहनी, दिलीप निगम आदि सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
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- एनडीआरएफ ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर *आपातकाल में बचाव और राहत का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण।* संवाददाता – एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)। 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-157 के नौवें दिन कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 11वीं एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षित ढंग से सहायता एवं बचाव करने के प्रभावी तरीके सिखाए। कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के अनुरोध पर, एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक दीपक कुमार मंडल एवं उनकी टीम ने प्रशिक्षण का संचालन किया। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और सही तकनीक के साथ कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), ट्रॉमा मैनेजमेंट, हृदयाघात (हार्ट अटैक) की स्थिति में सीपीआर देने की सही विधि, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं से किस प्रकार अस्थायी बचाव उपकरण एवं स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। एनडीआरएफ की टीम ने कैडेट्स को आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए। कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने 11वीं एनडीआरएफ की टीम के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सराहनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा कैडेट्स के लिए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और जीवनोपयोगी बताया।
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