विकास परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए मंडलायुक्त ने दिए सख्त निर्देश — फ्लाईओवर, नाला और सड़क कार्यों में ध्वस्तीकरण जारी
बृहस्पतिवार की समीक्षा बैठक के निर्देशों पर तेजी से हो रहा अनुपालन का मंडलायुक्त ने प्राप्त की जानकारी
लेखपालों-कानूनगो की फील्ड रिपोर्टिंग, सड़क निर्माण व ध्वस्तीकरण कार्यों में दिखी प्रगति; रजिस्ट्री प्रक्रिया सॉफ्टवेयर मेंटिनेंस के कारण अस्थायी रूप से रुकी
विकास परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए मंडलायुक्त ने दिए सख्त निर्देश — फ्लाईओवर, नाला और सड़क कार्यों में ध्वस्तीकरण जारी
मंडलायुक्त, डीएम और नगर आयुक्त ने ध्वस्तीकरण और निर्माण कार्यों में गति लाने का आदेश दिया
गोरखपुर।प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाली विकास परियोजनाओं की प्रगति को तेज करने के लिए मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने रविवार देर रात एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सख्त निर्देश जारी किए।
बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, जीडीए वीसी आनंद वर्धन, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर एवं तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता तथा संबंधित कानूनगो और लेखपाल उपस्थित रहे।
बैठक में मंडलायुक्त ने स्पष्ट कहा कि गोरखपुर को आधुनिक नगरी के रूप में विकसित करने के लिए चल रही परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं की भूमि रजिस्ट्री या स्वामित्व प्रक्रिया शेष है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और जहाँ बाधाएँ हैं, वहाँ फील्ड स्तर पर त्वरित कार्रवाई की जाए।
सॉफ्टवेयर मेंटिनेंस के कारण रजिस्ट्री कार्य रुका
बैठक के दौरान एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने जानकारी दी कि 8 नवम्बर से 11 नवम्बर तक रजिस्ट्री सॉफ्टवेयर के मेंटिनेंस कार्य के कारण जिले में रजिस्ट्री प्रक्रिया अस्थायी रूप से रुकी हुई है। उन्होंने बताया कि जैसे ही सॉफ्टवेयर अपडेट पूरा होगा, रजिस्ट्री कार्य दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
इसी बीच, राजस्व विभाग को निर्देश दिया गया है कि सभी कानूनगो और लेखपाल रजिस्ट्री से जुड़े भूखंडों का सत्यापन और विवाद निस्तारण कार्य लगातार जारी रखें ताकि सॉफ्टवेयर चालू होते ही रजिस्ट्री का कार्य तेजी से पूरा किया जा सके।
ध्वस्तीकरण और निर्माण कार्यों को मिली रफ्तार
मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त ने संयुक्त रूप से निर्देश दिए कि रजिस्ट्री ठहराव के दौरान ध्वस्तीकरण (डिमॉलिशन) और निर्माण कार्यों की गति धीमी नहीं पड़नी चाहिए।
नगर निगम और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीमें रात-दिन काम कर रही हैं, ताकि परियोजना क्षेत्र में अतिक्रमण को हटाकर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया जा सके।
जिन स्थानों पर सड़क और नाला निर्माण के लिए मकान, दुकानें या अतिक्रमण वाले ढांचे बाधा बने हुए हैं, उनका ध्वस्तीकरण कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
प्रमुख स्थलों — असुरन-पिपराइच सिक्स लेन, नकहा फ्लाईओवर, खजांची फ्लाईओवर, गोरखनाथ फ्लाईओवर, हडहवा फाटक फ्लाईओवर, विरासत गलियारा, सोनबरसा–टिकरिया रोड चौड़ीकरण और मलंगस्थान–भटहट मार्ग — पर प्रशासनिक टीमों ने निर्माण क्षेत्र को खाली कराने की कार्यवाही तेज कर दी है।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, जिन मकानों या ढांचों को ध्वस्त किया जा रहा है, उनमें से अधिकांश ऐसे हैं जो सरकारी भूमि या निर्माण मार्ग के दायरे में आ रहे थे। प्रभावित लोगों को पहले से नोटिस देकर वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।

पीडब्ल्यूडी ने बढ़ाई मशीनरी और स्टाफ की तैनाती
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण गति बनाए रखने के लिए मशीनरी और श्रमिकों की संख्या बढ़ा दी गई है।
फ्लाईओवर और नाला निर्माण की साइटों पर दोहरी शिफ्ट में कार्य चल रहा है। जिन जगहों पर पहले रास्ते ऊबड़-खाबड़ थे, वहां सड़क समतलीकरण, डामरीकरण और नालों की खुदाई का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने कहा कि अब तक कई प्रमुख स्थलों पर अवरोधमुक्त सड़क निर्माण का कार्य 70 प्रतिशत तक पूरा किया जा चुका है।
मंडलायुक्त ने सख्त चेतावनी दी कि विकास कार्यों में लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिन भूखंडों पर स्वामित्व विवाद हैं, वहाँ कानूनगो और लेखपाल मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का पता लगाएं और रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रत्येक परियोजना की भूमि स्थिति, रजिस्ट्री प्रगति और निर्माण की गति की साप्ताहिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि सभी परियोजनाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं और प्रशासन का लक्ष्य है कि इन्हें तय समय सीमा में पूरा किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित भू-स्वामियों से संवाद कायम रखकर शांतिपूर्ण और पारदर्शी रजिस्ट्री प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, तथा किसी भी बिचौलिए को हस्तक्षेप का मौका न दिया जाए।
मुख्य राजस्व अधिकारी का अपडेट
मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा ने बताया कि अब तक कई स्थानों पर भूमि स्वामित्व से जुड़ी तकनीकी आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है।
शेष स्थानों पर राजस्व कर्मियों की टीमें लगातार फील्ड विजिट कर रही हैं ताकि विवादों का शीघ्र निपटारा किया जा सके।
जनता से संवाद और मुआवजा पर विशेष ध्यान
मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन मकानों या संरचनाओं को ध्वस्त किया जा रहा है, उनके प्रभावित स्वामियों से व्यक्तिगत संवाद किया जाए और उन्हें न्यायसंगत मुआवजा समय से दिया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि विकास कार्यों से जनता को असुविधा न हो और परियोजनाओं का लाभ शीघ्र मिल सके।
अंत में मंडलायुक्त ने कहा कि गोरखपुर की विकास परियोजनाएँ शहर की तस्वीर बदलने जा रही हैं। रजिस्ट्री कार्य भले कुछ दिनों के लिए रुका हो, लेकिन निर्माण और ध्वस्तीकरण की रफ्तार नहीं रुकनी चाहिए। हर विभाग समन्वय से काम करे — यही शहर के विकास की असली गति है।

