विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं के समाधान को लेकर अभाविप ने दिया गोरखपुर विश्वविद्यालय कुलपति को ज्ञापन
गोरखपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गोरखपुर विश्वविद्यालय इकाई के कार्यकर्ताओं द्वारा गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रावासों में शुल्क वृद्धि, मेस के नियमित संचालन, कक्षाओं के सुचारू रूप से संचालन, नाथ चंद्रावत छात्रावास को पीएसी से खाली करा के छात्रों को आवंटित करने संबंधी समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो० पूनम टंडन को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रांत मंत्री मयंक राय ने कहा, विश्वविद्यालय का नया सत्र शुरू हो चुका है परंतु अभी भी कक्षाएं सुचारू रूप से नियमित नहीं चल रहीं, विश्वविद्यालय के प्रमुख स्नातक के विद्यार्थियों के लिए आवंटित होने वाले नाथ चंद्रावत छात्रावास को पीएसी से खाली करा छात्रों को आवंटित होना चाहिए। इसके साथ ही पूर्व में मेस सहित छात्रावास का शुल्क दो किस्तों में जमा कराया जाता था, इस वर्ष से एक बार में ही पूर्ण शुल्क जमा कराया जा रहा है जो छात्रों के लिए परेशानी बन चुका है जिसे कम से कम दो किस्तों में जमा कराया जाए।
मेस के अलावा स्वामी विवेकानंद छात्रावास में अन्य सभी शुल्क पहले लगभग 5 हजार लगते थे जिसे इस वर्ष से शुल्क बढ़ाकर 10 हजार कर दी गई है। इसके साथ ही पंडित आर० पी० शुक्ला छात्रावास में मेस शुल्क के अलावा 4700 रुपए लग रहा था जिसकी राशि बढ़ाकर 15,500 कर दी गई है, जो 400% की वृद्धि को दर्शा रही है, हम इसे तत्काल वापस लिए जाने की मांग करते हैं, और छात्रों से मेस की फीस तो ली जाती हैं परंतु कभी भी मेस का संचालन ठीक प्रकार से नहीं किया गया। जिस हॉस्टल में मेस चलता ही नहीं है उनसे मेस शुल्क न लिया जाए ताकि छात्रों को शुल्क वापस कराने की जटिल प्रक्रिया का शिकार न होना पड़े।
विश्वविद्यालय में परीक्षाएं तो संपन्न हो जा रही है परंतु अधिक संख्या में विद्यार्थियों के रिजल्ट अपूर्ण दिखाई दे रहा है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के सबसे प्राचीन छात्रावास नाथ चंद्रावत छात्रावास को पिछले डेढ़ वर्ष से छात्रों से खाली कराकर पीएससी आवास के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है जिसे तत्काल पीएससी से खाली कराकर आम छात्रों के लिए आवंटित कराया जाये।
इकाई मंत्री आदित्य प्रताप सिंह पने कहा, अभाविप ने इससे पहले भी तमाम ज्ञापनों के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन को समस्याओं से अवगत कराती रहती हैं परंतु समस्याओं के निवारण के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा किये गये कार्य संतोषजनक नहीं है, यदि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र हितों से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र निवारण नही करता है तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन को बाध्य होगी और जिसका जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन स्वयं होगा।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सौम्या गुप्ता, प्रांत सह-मंत्री अर्पित कसौधन, अनुराग मिश्र, विभाग संगठन मंत्री अवनीश राय मानस, चंद्रपाल सिंह यादव, शुभम गोविंद राव, दीपक पांडेय, आलोक गुप्ता, सचिन गौड़, विवेक सिंह, राहुल मौर्य आदि मौजूद रहें।
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