गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
गोरखपुर में आयोजित संगोष्ठी में महिलाओं की शिक्षा, अधिकार और सामाजिक भागीदारी पर दिया गया ज़ोर
समाज के सर्वांगीण विकास में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य बताते हुए मुतवल्ली मोहम्मद इस्लाम हासमी ने कहा कि किसी भी समृद्ध और प्रगतिशील समाज की नींव सशक्त महिलाओं पर टिकी होती है। सैयद सालार जंग गाजी मियां से जुड़े एक कार्यक्रम में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने विशेष रूप से मुस्लिम समाज में महिलाओं की स्थिति और उनकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

महिलाओं की वर्तमान स्थिति पर चिंता
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज भी भारत-पाक उपमहाद्वीप में अधिकांश महिलाओं को बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा जाता है। उन्हें परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल नहीं किया जाता, जबकि पुरुषों को अधिक स्वतंत्रता दी जाती है। इससे महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर
हासमी ने कहा कि यदि महिलाओं को बचपन से ही परिवार के निर्णयों में शामिल किया जाए और उन्हें शिक्षा के समान अवसर दिए जाएं, तो वे भविष्य में सशक्त नागरिक बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि एक शिक्षित और आत्मनिर्भर महिला समाज के हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।



