
क्षेत्र में चर्चा का विषय बना, हवन कुंड में बनने वाले देवी देवताओं की प्रतिमाएं
गोरखपुर : सहजनवा देवी देवताओं का पूजन विधि विधान से करना अनादि काल से ही हमारे धर्म व संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। और समय के साथ साथ हमारी आस्था, हमारे धर्म व संस्कृति से और गहरी ही होते जा रही है। शायद इसी लिए भारत देश को सांस्कृतिक देश की संज्ञा भी दी गई है। इसी का एक उदाहरण सहजनवा क्षेत्र के केशवपुर निवासी विनोद कुमार सिंह भी है। बताते चले की जब मोबाइल फोन नहीं थे उस समय से यह टीवी में धार्मिक धारवाहिको को ही देख कर बड़े हुए, और विनोद कुमार सिंह जो की 1990 के बाद से ही केबल ऑपरेटर का काम कर रहे है, इनसे बात करने पर इन्होंने बताया की केबल
ऑपरेटर का काम करने के वजह से अधिकतर समय धार्मिक धारवाहिको को देखने में ही बीतता था और फिर अपने धर्म और संस्कृति के विषय में और जानकारी के एकत्रित करने के लिए रामायण, महाभारत जैसे धारवाहिको को देखने के साथ
साथ श्रीमत भागवत गीता के साथ साथ अन्य धार्मिक पुस्तकों को पढ़ना भी शुरू कर दिया और जिसके बाद पिछले 26 वर्षों से लगभग सन 1995 से हर सोमवार को अपने घर पर ही निर्मित किए गए शिवलिंग जिसमे लगभग 1500 से अधिक रुद्राक्ष का प्रयोग किया गया है, हवन करना प्रारंभ किए। पर बीते 3 से 4 महीने से कुछ ऐसे चीजे भी सामने आई जिसपे यकीन करना साधारण इंसान के परे है, कुछ समय से जब भी ये सोमवार को हवन कुंड पर हवन के लिए बैठते तो पूजा करते समय परिजनों द्वारा पूजा के समय का वीडियो बनाया जाता था, और बाद में जब वीडियो को देखा गया तो हवन कुंड के अग्नि से कुछ देवी देवताओं की प्रतिमाएं की छबि दिखने लगी,
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