गोरखपुर,ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
गोरखपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए मर्चेंट क्यूआर कोड तैयार कर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में मदद करते थे।
पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में साइबर कमांडो उपनिरीक्षक उपेंद्र सिंह, जनपदीय एंटी थेफ्ट टीम और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए संकेत राय, तौहीद आलम उर्फ गोलू तथा राज सिंह को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 मोबाइल फोन, 5 सिम कार्ड, 40 गत्तों में रखे 1308 साउंड पॉड तथा 2 गत्तों में 866 क्यूआर स्कैनर बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों की मदद से Google Pay, BharatPe, Mobikwik समेत अन्य कंपनियों के मर्चेंट क्यूआर कोड तैयार करते थे। इन क्यूआर कोड का इस्तेमाल साइबर ठगी से अर्जित धनराशि के लेन-देन और निकासी के लिए किया जाता था।
बरामद मोबाइल फोन की जांच में बड़ी संख्या में फर्जी पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेजों से जुड़े कई मामलों में देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में ऑनलाइन साइबर शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, जांच में मिले बैंक खातों में करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड से संबंधित लेन-देन के संकेत मिले हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे साइबर अपराधियों के लिए लोगों को बहला-फुसलाकर उनके नाम पर म्यूल बैंक खाते खुलवाते थे। बाद में फर्जी पैन कार्ड और वोटर आईडी बनाकर इन खातों को Google Pay और BharatPe जैसे प्लेटफॉर्म पर मर्चेंट के रूप में पंजीकृत कराया जाता था। इसके बाद इन खातों से मर्चेंट क्यूआर कोड और साउंड पॉड जोड़ दिए जाते थे, जिससे खातों में रोजाना अधिक लेन-देन दिखाया जा सके और साइबर ठगी की शिकायत होने पर भी ऐसे खाते तत्काल फ्रीज न हो सकें।

गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर कोतवाली थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं एवं आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैले साइबर ठगी गिरोहों से जुड़ा हो सकता है और जांच में आगे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
प्रमुख बरामदगी:-
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13 मोबाइल फोन
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5 सिम कार्ड
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1308 साउंड पॉड
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866 क्यूआर स्कैनर
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फर्जी पैन कार्ड, आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज

“मामले की गहन जांच की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।”
— निमिष पाटिल, पुलिस अधीक्षक नगर, गोरखपुर

