गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
बदहाल था चिलुआताल, योगी सरकार ने बना दिया पर्यटन स्थल
गोरखपुर, 2 जून। शहर के उत्तरी छोर पर स्थित चिलुआताल, जो वर्षों तक उपेक्षा और बदहाली का शिकार रहा, अब एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान बना चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को 20 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए चिलुआताल पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण परियोजना का लोकार्पण करेंगे।

रामगढ़ताल की तर्ज पर विकसित किए गए चिलुआताल घाट का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। यहां आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। परियोजना के तहत सात कियोस्क का निर्माण कराया गया है, जहां पर्यटक खानपान और अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

पर्यटन विभाग के उप निदेशक राजेंद्र प्रसाद यादव के अनुसार चिलुआताल के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास कार्यों पर 20.39 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। कार्य पूर्ण होने के बाद से ही बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर प्राकृतिक सौंदर्य और विकसित सुविधाओं का आनंद ले रहे हैं। मुख्यमंत्री के लोकार्पण के बाद यह परियोजना औपचारिक रूप से जनता को समर्पित हो जाएगी।
उल्लेखनीय है कि रामगढ़ताल की तरह चिलुआताल भी लंबे समय तक उपेक्षित रहा था। योगी सरकार ने पहले रामगढ़ताल को विकसित कर पूर्वांचल के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित किया और अब उसी मॉडल पर चिलुआताल को भी संवारा गया है। आने वाले समय में यह क्षेत्र पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय रोजगार का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां पर्यटकों को बोटिंग की सुविधा के साथ प्राकृतिक वातावरण में मनोरंजन का अवसर भी मिलेगा।
परियोजना के प्रमुख कार्य
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570 मीटर लंबे पाथवे का निर्माण
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घाट की सीढ़ियों का निर्माण एवं पत्थर लगाने का कार्य
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इंटरलॉकिंग एवं रेलिंग का निर्माण
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स्टोन पिचिंग एवं कैरेट बोल्डर कार्य
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सात कियोस्क का निर्माण
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आधुनिक टॉयलेट ब्लॉक की स्थापना
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मुख्य प्रवेश द्वार का सुपर स्ट्रक्चर निर्माण
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400 मीटर एप्रोच रोड का निर्माण
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विद्युतीकरण, पोल एवं सोलर लाइट की व्यवस्था
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500 मीटर साइड वॉल एवं नाली निर्माण
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चिलुआताल के विकास से गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र को नया पर्यटन केंद्र मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

