गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
कूड़े के पहाड़ से बना ‘ईको पार्क’, गोरखपुर को मिला नया पर्यटन स्थल
23 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे लोकार्पण, 41.50 करोड़ की परियोजना से बदली एकला बंधा की तस्वीर
नजर बदलने से नजारा कैसे बदलता है-
इसका सजीव उदाहरण अब गोरखपुर में देखने को मिल रहा है। वर्षों से कूड़े के पहाड़ के रूप में बदनाम राप्ती नदी के एकला बंधा क्षेत्र को अब एक खूबसूरत ईको पार्क के रूप में विकसित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के विजन और नगर निगम की पहल से यह बदलाव संभव हो सका है।

नगर निगम द्वारा लिगेसी वेस्ट के निस्तारण के बाद लगभग 40 एकड़ भूमि को कूड़ामुक्त कर यहां सिटी फॉरेस्ट और ईको पार्क विकसित किया गया है। इस परियोजना का लोकार्पण मुख्यमंत्री द्वारा 23 अप्रैल को किया जाएगा। साथ ही ईको पार्क के सामने से बाघागाड़ा तक जाने वाली 2.90 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का उद्घाटन भी किया जाएगा।
पहले यह क्षेत्र पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बना हुआ था। कूड़े के ढेर से निकलने वाली मीथेन गैस के कारण कई बार स्वतः आग लग जाती थी, जिससे आसपास के लोगों को दुर्गंध और प्रदूषण का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब बायो-रेमेडिएशन तकनीक के माध्यम से 2.26 लाख मीट्रिक टन कूड़े का सफल निस्तारण किया गया है।

नव विकसित ईको पार्क में वॉकिंग ट्रैक, योग और ध्यान स्थल, बच्चों के लिए किड्स जोन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे लोग प्राकृतिक वातावरण में समय बिता सकेंगे। वहीं फोरलेन सड़क के डिवाइडर पर ग्रीन बेल्ट विकसित कर क्षेत्र को और आकर्षक बनाया गया है।
इस समग्र परियोजना पर कुल 41.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें कूड़े के निस्तारण पर 9 करोड़, ईको पार्क निर्माण पर 4.50 करोड़ और फोरलेन सड़क निर्माण पर 28 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं।
लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ‘स्वच्छ स्कूल अभियान’ की भी शुरुआत करेंगे। यह अभियान Swachh Bharat Mission 2.0 के तहत संचालित होगा।
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव के अनुसार, इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, रिड्यूस-रियूज-रिसाइकिल, जल संरक्षण और मासिक धर्म स्वच्छता जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
गोरखपुर का यह ईको पार्क न सिर्फ शहर की खूबसूरती बढ़ाएगा, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मिसाल भी बनेगा।

