अयोध्या, ब्यूरो निष्पक्ष टुडे:-
अयोध्या से सामने आए इस मामले में अब एक गरीब किसान परिवार की बेटी नंदिनी मिश्रा न्याय की गुहार लगा रही है।

नंदिनी का आरोप है कि उसने कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में लिखित रूप से अच्छे अंक हासिल किए, लेकिन प्रैक्टिकल में बेहद कम नंबर देकर उसे फेल कर दिया गया।
🎧 ऑडियो ने बढ़ाई गंभीरता,ध्यान से सुने ….
कथित ऑडियो में एक आवाज सुनाई देती है—
“हमरे कलम में ताकत होइ… हम ताकत दिखा देब…“हम लिख देंगे तो कहीं एडमिशन नहीं होगा…”
यदि यह ऑडियो सही है, तो यह सीधे तौर पर
एक छात्रा के भविष्य को प्रभावित करने की धमकी मानी जा रही है।
📄 मार्कशीट में क्या दिखा?

सामने आई मार्कशीट के अनुसार—
थ्योरी में पासिंग स्तर के अंक लेकिन प्रैक्टिकल में 2, 3, 4 जैसे बेहद कम नंबरऔर अंतिम परिणाम—FAILED
यही वह बिंदु है जहां सवाल उठता है—
क्या ऑडियो में कही गई बातों का असर रिजल्ट पर दिख रहा है?
📝 शिकायत में क्या कहा?
नंदिनी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि—
विरोध करने पर उसे धमकाया गया
“कहीं पढ़ने नहीं देंगे” जैसी बातें कही गईं
और अंत में प्रैक्टिकल में कम अंक देकर फेल कर दिया गया
⚖️ बड़ा सवाल:
देश में शिक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष बनाने के लिए
University Grants Commission (UGC) जैसे संस्थान नियम बनाते हैं
लेकिन—
📌 क्या इन नियमों का जमीनी स्तर पर सही पालन हो रहा है?
📌 क्या एक छात्रा का भविष्य किसी की ‘कलम’ पर निर्भर होना चाहिए?
प्रशासन से मांग:


