डीडीयू
वित्त समिति और कार्य परिषद ने दी मंजूरी, गोरखपुर विवि प्रशासन ने संविदा शिक्षकों को दी राहत
संविदा शिक्षकों की भी 57 हजार 700 रुपये होगी बेसिक सैलरी*
पूर्व कुलपति प्रो. राजेश सिंह का एक और विवादास्पद फैसला पलटा.
2021 में संविदा शिक्षकों की नियुक्ति के समय हुई थी यह गड़बड़ी संविदा के असिस्टेंट प्रोफेसर्स का बेसिक अब तक 57 हजार रुपये था। इसे यूजीसी और एआईसीटीई के गाइडलाइंस के मुताबिक 57,700 रुपये कर दिया गया है।
इससे भविष्य में किसी भी संस्थान में नियमित नियुक्ति के समय इन शिक्षकों की सर्विस जुड़ सकेगी।
प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू.
ईश्वर सिंह
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने संविदा शिक्षकों को बड़ी राहत दी है।
तीन वर्ष पूर्व के फैसले को पलटते हुए उनकी बेसिक सैलरी नियमित शिक्षकों की तरह निर्धारित करने का निर्णय लिया है।
डीडीयू की वित्त समिति और कार्य परिषद ने इसे मंजूरी दे दी है। डीडीयू में वर्ष 2021 में कृषि और इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू हुई थी।
तब इन विषयों के लिए संविदा पर असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति हुई थी।
यूजीसी और एआईसीटीई के मानक के अनुसार संविदा शिक्षकों की बेसिक सैलरी नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर पदनाम के अनुरूप ही होना चाहिए।
लेकिन डीडीयू में तब हुई नियुक्ति में असिस्टेंट प्रोफेसरों की बेसिक सैलरी 57,000 रुपये रखी गई थी।
नियुक्त शिक्षक इसकी विसंगतियों की तरफ ध्यान दिलाते रहते थे। नैसर्गिक न्याय को देखते हुए *कुलपति प्रो. पूनम टंडन” ने इसे वित्त समिति और कार्य परिषद में ले जाने का निर्णय लिया था।
दोनो ही समितियों ने संविदा असिस्टेंट प्रोफेसर की सैलरी 57,700 रुपये किए जाने पर मुहर लगा दी है।
कम सैलरी से नहीं जुड़ पाती सर्विस
मात्र सात सौ रुपये वेतन कम होने के कारण संविदा शिक्षक असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए तय क्राइटेरिया से बाहर थे।
इस वजह से उनकी सर्विस आगे नहीं जुड़ पाती।अब वे नियमित असिस्टेंट प्रोफेसरों की तरह ही एसोसिएट प्रोफेसर के लिए अर्ह होंगे।
59 संविदा शिक्षकों के लिए वैकेंसी
डीडीयू में स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में संविदा के 59 पदों के लिए वैकेंसी निकली है।
इसमें होटल मैनेजमेंट में 4, फिजिकल एजुकेशन में 2, विज्ञान संकाय के लिए 10, कृषि संस्थान के लिए 9, इंजीनियरिंग के लिए 33, ज्योतिष कर्मकांड के 1 पद के लिए संविदा शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
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