ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी
बडहलगंज/ गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे): बड़हलगंज स्थानीय महाविद्यालय नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में संचालित एन.एस.एस की द्रोण इकाई के सप्तदिवसीय शिविर के छठवें दिन शिविर का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन, राष्ट्रीय गान,एनएसएस के गीत,योग के साथ प्रारंभ हुआ। स्वयंसेवकों ने चयनित ग्राम में साफ-सफाई के साथ-साथ पूरे स्थानीय कस्बे में तख्तियों पर विभिन्न नारे लिखकर और नारे लगाते हुए भ्रमण किया। स्वयंसेवक ‘विकसित भारत बनाएंगे’, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, ‘टीवी को हराएंगे’, ‘शहर को स्वच्छ बनाएंगे’,’जल है तो कल है’ आदि नारे बोल रहे थे। कस्बे में यह प्रभात फेरी कौतुहल का विषय रहा।
एन एस एस में द्वितीय सत्र में बौद्धिक चर्चा का आयोजन होता है, जिसमें किसी विषय विशेषज्ञ को बुलाकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाती है। शिविर के छठवें दिन स्वयंसेवकों ने बौद्धिक सत्र का संचालन किया। इसमें स्वयंसेवको ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, मंच संचालन और वक्ताओं की भूमिका स्वयं निर्वहन किया। वरिष्ठ स्वयंसेवक आनंद शर्मा ने जीवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा की एन एस एस का प्रशिक्षण हमें संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास में अवसर प्रदान करता है और यह प्रशिक्षण हमें जीवन जीने की कला सीखाता है। स्वयंसेवक आयुष सिंह ने कहा की एन एस एस से हमारे भीतर सामूहिकता आती है और यह सामाजिकता की ओर ले जाती है। स्वयंसेवक श्वेत प्रकाश ने एन एन एस शिविर में हम समाज से जुड़ते हैं और समाज को कुछ देने की शिक्षा प्राप्त करते हैं। रमन मिश्रा ने कहा कि एन एस एस में आज हम सभी लोगों को बोलने का अवसर दिया गया है। इससे हमारे भीतर एक आत्मविश्वास पैदा हुआ है। पुष्कर जी ने कहा कि एन एस एस हमें श्रमदान के लिए प्रेरित करता है। स्वधा भारद्वाज ने किसानों की समस्याएं और उसके समाधान पर प्रकाश डाला। तनु राय ने जैविक खेती और रासायनिक खाद पर अपने विचार व्यक्त किये। आंचल यादव ने बागवानी, डेयरी आदि के द्वारा कैसे किसानों को लाभ पहुंचा जा सकता है, उस पर अपनी बात रखी। अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. त्रिपुरेश कुमार त्रिपाठी ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज स्वयंसेवकों ने जो अपनी बात रखी है, वह एनएसएस के प्रशिक्षण की सफलता का प्रतीक है।
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