क्षणे क्षणे बदले तहरो मिजाज बबुनी, धोखेबाज बबुनी उड़नबाज बबुनी
काहे लउके ना अब तहरा बंगाल बबुनी ? उड़नबाज बबुनी चालबाज बबुनी । कतना सुविधा मिलल ? कतना पईसवा ? बंगला आ गाड़ी मिलल , आ कि जमीनवा ? दीदीया का देहली तोहके ? हमके बताव, साची साची कह बहिना , कुछो ना छिपाव, कईसे कईल जाई तहरो इलाज बबुनी? धोखेबाज बबुनी उड़नबाज बबुनी । […]

कतना सुविधा मिलल ?
सबे खराबी दिखे ,
लेखक: Anil Singh
निष्पक्ष टुडे के विशेष संवाददाता। राजनीति, समाज और विकास से जुड़े विषयों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग का अनुभव।
Leave a Reply
सम्बंधित समाचार
ब्रेकिंग न्यूज़वोटर लिस्ट, संस्थागत जांच और जनता का भरोसा
भारत में चुनाव आयोग (ECI) और उसके ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) को लेकर चल रही बहस अब सिर्फ़ वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों की संख्या तक सीमित नहीं है। यह इस बारे में भी है कि वोटर लिस्ट कैसे बनाई, जांची और सुधारी जाती है, और चुनाव आयोग के भीतर फ़ैसले लेने का अधिकार […]
गोरखपुर


