ब्यूरो प्रभारी — विनय तिवारी बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे): बड़हलगंज स्थानीय विकास खण्ड के गांव बसावनपुर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन श्रीधाम अयोध्या से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक संजय दास जी महाराज द्वारा श्रोताओं को श्रीमद् भागवत महापुराण की महिमा का रसपान कराया।उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत महापुराण भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और तत्वबोध […]
ब्यूरो प्रभारी — विनय तिवारी
बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे): बड़हलगंज स्थानीय विकास खण्ड के गांव बसावनपुर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन श्रीधाम अयोध्या से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक संजय दास जी महाराज द्वारा श्रोताओं को श्रीमद् भागवत महापुराण की महिमा का रसपान कराया।उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत महापुराण भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और तत्वबोध से भरा हुआ है। नौ दिवसीय नव चण्डी महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन महापुराण के महात्म्य की चर्चा करते हुए व्यास पीठ पर विराजमान श्री सत्यनारायणाचार्य श्री संजय दास जी महाराज कहा कि इसमें तीन मुख्य संवाद, नारद और भक्ति संवाद, सनत कुमार और नारद संवाद व गोकर्ण और धुंधकारी संवाद के माध्यम से इसकी महिमा का विस्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि पहले संवाद में अर्पण की कथा, दूसरे में समर्पण की कथा और तीसरे में तर्पण की कथा है। श्रीमद् भागवत महापुराण के अनुसार जो कार्य समाज के लिए किया जाए वह अर्पण है, जो भगवान के लिए किया जाए वह समर्पण है, और जो पितरों के लिए किया जाए वह तर्पण कहलाता है। उन्होंने कहा कि जीवन में सत्य का ध्यान करना ही सबसे महत्वपूर्ण है, और यही सत्य भगवान कृष्ण का स्वरूप है। कथा के दौरान संजय दास जी जी ने भागवत की मंगलाचरण की चर्चा की, जिसमें भगवान वेदव्यास द्वारा सत्य का ध्यान किया गया है। उन्होंने श्रोताओं को भगवान के 24 अवतारों की कथा से भी परिचित कराया। गोकर्ण और धुंधकारी की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि धुंधकारी के बुरे कर्मों से परेशान होकर पिता आत्मदेव जंगल चले गए माता धुंधली ने कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली।भाई गोकर्ण भी गाँव छोड़कर चला गया। धुंधकारी की मृत्यु के बाद वह प्रेत बन गया।अपने भाई को प्रेत योनि से मुक्ति दिलाने के लिए गोकर्ण ने श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया।
भागवत कथा के प्रभाव से धुंधकारी को प्रेत योनि से मुक्ति मिली और वह दिव्य लोक चला गया।यह कथा कर्मों के फल और श्रीमद्भागवत कथा के महत्व को दर्शाती है। इसके पूर्व कथा के मुख्य यजमान चन्द्रभान मिश्र के साथ पूर्व जिला पंचायत सदस्य, वरिष्ठ भाजपा नेता सरोज रंजन शुक्ल, प्रदीप दुबे, अजीत राव, शुभम तिवारी,लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने व्यास पीठ का पूजन व माल्यार्पण तथा आरती कर कथा प्रारम्भ कराया।इस अवसर पर हरेंद्र सिंह, रामचंद्र मिश्र, राजेश मिश्रा, सुरेंद्र मिश्रा, ज्ञानवेंद्र मिश्रा, रमेंद्र मिश्रा, रविंद्र मिश्रा,दुर्गविजय यादव, जोगिंदर यादव,अच्छे लाल, रामबचन, राधेश्याम, रिंकू,दीनानाथ, सुरेश, छोटे,लल्लन सहित क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।