*वोट बैंक के एजेंडे पर चलने वाली सरकारों ने की थी देश और प्रदेश की दुर्गति : मुख्यमंत्री* *9.89 करोड़ रुपये की लागत से बने गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन का सीएम योगी ने किया लोकार्पण* *परिवार को सबकुछ मानने वाले सपा और कांग्रेस से कोई उम्मीद करनी बेमानी : सीएम योगी* गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने […]
*वोट बैंक के एजेंडे पर चलने वाली सरकारों ने की थी देश और प्रदेश की दुर्गति : मुख्यमंत्री*
*9.89 करोड़ रुपये की लागत से बने गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन का सीएम योगी ने किया लोकार्पण*
*परिवार को सबकुछ मानने वाले सपा और कांग्रेस से कोई उम्मीद करनी बेमानी : सीएम योगी*
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में 2014 के पहले की सरकार के एजेंडे में देश नहीं था। इसी तरह 2017 के पहले उत्तर प्रदेश की सरकार के एजेंडे में आम जनता नहीं थी। इन सरकारों के एजेंडे में सिर्फ वोट बैंक था। वोट बैंक के एजेंडे को लेकर पूर्व की इन सरकारों ने देश और प्रदेश की जो दुर्गति की वह सबके सामने है।
सीएम योगी मंगलवार, 29 अप्रैल को चरगांवा में नगर निगम के गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन (जीटीएस) का लोकार्पण करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। नेशनल एयर क्लीन प्रोग्राम के अंतर्गत नगर निगम के इस गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन के निर्माण पर कुल 9.89 करोड़ रुपये की लागत आई है। जीटीएस के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप हर व्यक्ति को क्वालिटी ऑफ लाइफ देने के लिए देश में 2014 से प्रदेश में 2017 से जो कार्य हो रहे हैं, वे पहले भी हो सकते थे। पर, तब सत्ता में ऐसे लोग थे जो कुछ नहीं कर पाए।
सभी नागरिकों को अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जयंती की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी कार्य को करने के लिए विजन चाहिए। विजन को धरातल पर उतारने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और ईमानदारी से कार्य करने की प्रवृत्ति चाहिए। परिकल्पना को परिणाम में बदलने के लिए टीमवर्क चाहिए। पर, जहां परिवार को ही सबकुछ मान लिया जाता हो, वहां सत्ता में बैठे लोगों से कोई उम्मीद करनी बेमानी है। उन्होंने कहा कि 2017 से पूर्व प्रदेश में सपा और 2014 से पूर्व केंद्र में कांग्रेस और उसके सहयोगी दल यही बेमानी करते रहे।
*गंदगी, मच्छर, बीमारी और माफिया से जुड़ी पहचान से मिली मुक्ति, गोरखपुर अब स्मार्ट सिटी*
सीएम योगी ने कहा कि पहले सड़क पर और नालियों में कूड़ा फेंक देने के कारण जल निकासी नहीं हो पाती थी। सड़क पर गंदगी पसरी रहती थी। गंदगी से मच्छर पनपते थे, इंसेफेलाइटिस, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां होती थीं। जब मच्छर और बीमारी बढ़ेगी तो माफिया भी पनपेंगे। 2017 के पूर्व गंदगी, मच्छर, बीमारी और माफिया गोरखपुर की पहचान से जुड़ गए थे। जबकि आज का गोरखपुर स्मार्ट सिटी के रूप में स्वच्छता के लिए सॉलिड और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के नए मॉडल प्रस्तुत कर रहा है।
*इंसेफेलाइटिस नियंत्रण में स्वच्छ भारत मिशन की महत्वपूर्ण भूमिका*
सीएम योगी ने कहा कि 1977-78 से लेकर चार दशकों में 50 हजार मासूमों की मौत इंसेफेलाइटिस का चलते हुई थी। 2017 में प्रदेश में बनी डबल इंजन सरकार के प्रयासों आज इंसेफेलाइटिस पूरी तरह नियंत्रण में है। इंसेफेलाइटिस को नियंत्रित करने में पीएम मोदी द्वारा अक्टूबर 2014 में शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इंसेफेलाइटिस नियंत्रित होने से हजारों नौनिहालों का भविष्य सुरक्षित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोगों को बीमारियों से बचाने और स्वच्छ-सुंदर वातावरण देने के लिए घर-घर शौचालय बनवाए गए, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया जा रहा तथा हर घर नल से जल की सुविधा दी जा रही है।
*वेस्ट मैनेजमेंट के बेहतरीन काम, सिटी को जलजमाव से भी मिलेगी मुक्ति*
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में वेस्ट मैनेजमेंट के बेहतरीन काम हो रहे हैं। यहां कंस्ट्रक्शन वेस्ट से टाइल्स बन रहा है। सुथनी में 500 टन प्रतिदिन की क्षमता का वेस्ट टू चारकोल प्लांट लग रहा है। इसी क्रम में चरगांवा में 200 टन प्रतिदिन की क्षमता का गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन बना है। यहां चालीस वार्डों का कूड़ा निस्तारित होगा। इसी तरह का गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन लालडिग्गी में भी बनाया गया है। गोरखपुर में प्राकृतिक विधि से जलशोधन का भी नया मॉडल खड़ा किया गया है।
सीएम योगी ने कहा कि पहले एक बरसात में ही शहर जलमग्न हो जाता था। गंदगी, मच्छर का अंबार लगने लगता था। 15 जून के बाद लोग इंसेफेलाइटिस की दहशत में रहते थे। गंदगी और मच्छर दूर करने के साथ ही अब शहर को जलजमाव से मुक्ति दिलाने की कार्ययोजना पूर्ण हो।रही है। इसके लिए गोड़धोइया नाला परियोजना जल्द ही पूरी हो जाएगी। इससे शहर को जलजमाव से मुक्ति मिलेगी, लोगों को आवागमन की सुगमता होगी और उन्हें स्वच्छ-सुंदर वातावरण मिलेगा।