गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
बीआईटी गीडा में इंटर कॉलेज स्तरीय नवाचार कार्यक्रम का आयोजन, विज्ञान और तकनीक के जरिए समाज की समस्याओं के समाधान का दिया संदेश
गोरखपुर के बुद्धा इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), गीडा में आयोजित टेक जेनेसिस 11.0 में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, तकनीकी कौशल और नवाचार की प्रतिभा देखने को मिली। कार्यक्रम में विभिन्न इंटर कॉलेजों से आए 723 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण और सामाजिक उपयोगिता पर आधारित अपने अभिनव मॉडलों का प्रदर्शन किया।

विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट और मॉडलों के माध्यम से यह साबित किया कि नई सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बल पर समाज की अनेक समस्याओं के समाधान तलाशे जा सकते हैं। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की रचनात्मकता, तकनीकी समझ और कुछ नया करने का जज्बा विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहजनवा के उप जिलाधिकारी नमन मेहता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नवाचार का अर्थ केवल नए विचार पैदा करना नहीं, बल्कि उन विचारों को व्यावहारिक स्वरूप देकर समाज की समस्याओं का समाधान करना भी है।
वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्थान के सचिव डॉ. रजत अग्रवाल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आज का विद्यार्थी केवल भविष्य का नागरिक नहीं, बल्कि वर्तमान का संभावित वैज्ञानिक, इंजीनियर, उद्यमी और राष्ट्र निर्माता भी है। सफलता के लिए जिज्ञासा, निरंतर प्रयास, अनुशासन और असफलताओं से सीखने की भावना बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता सीमित नहीं रखनी चाहिए, बल्कि नए प्रयोग करते हुए अपने विचारों को वास्तविक स्वरूप देने का प्रयास करना चाहिए।
टेक जेनेसिस 11.0 के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर मिला।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक प्रशासन दीपक अग्रवाल, महानिदेशक प्रो. गोविन्द पाण्डेय, सीटीओ विजय श्रीवास्तव, निदेशक एचआर संतोष त्रिपाठी, निदेशक बीआईटी डॉ. रूप रंजन, निदेशक फार्मेसी डॉ. आशीष सिंह, निदेशक डिग्री कॉलेज डॉ. अरुण पाण्डेय, निदेशक मैनेजमेंट कॉलेज डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, निदेशक डिप्लोमा अभिनव श्रीवास्तव, शिक्षक उज्ज्वल श्रीवास्तव सहित संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
संदेश स्पष्ट है—आज के विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और नवाचार ही कल के विकसित भारत की मजबूत नींव बन सकते हैं।






