गोरखपुर, 27 सितम्बर 2026: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), गोरखपुर के न्यायिक चिकित्सा एवं विष विज्ञान विभाग द्वारा “UNRAVELING SUDDEN NATURAL DEATH: A Masterclass CME with Hands-on Dissection” विषय पर CME एवं हैंड्स-ऑन कार्यशाला का सफल आयोजन 27 सितम्बर 2026 को सेमिनार हॉल ऑडिटोरियम, AIIMS गोरखपुर में किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों एवं […]
गोरखपुर, 27 सितम्बर 2026: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), गोरखपुर के न्यायिक चिकित्सा एवं विष विज्ञान विभाग द्वारा “UNRAVELING SUDDEN NATURAL DEATH: A Masterclass CME with Hands-on Dissection” विषय पर CME एवं हैंड्स-ऑन कार्यशाला का सफल आयोजन 27 सितम्बर 2026 को सेमिनार हॉल ऑडिटोरियम, AIIMS गोरखपुर में किया गया।

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कार्यक्रम में विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संस्थानों से लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। AIIMS गोरखपुर के न्यायिक चिकित्सा एवं विष विज्ञान तथा पैथोलॉजी विभाग के संकाय सदस्यों एवं रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न संस्थानों से आमंत्रित विशेषज्ञों ने अचानक होने वाली प्राकृतिक मृत्यु, विशेष रूप से अचानक होने वाली कार्डियक मृत्यु एवं युवा व्यक्तियों में होने वाली अप्रत्याशित मृत्यु के विभिन्न क्लिनिकल, पैथोलॉजिकल एवं फोरेंसिक पहलुओं पर अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता साझा की। डॉ. अरविंद कुमार, UCMS एवं GTB Hospital, दिल्ली; डॉ. निलेश तुमराम, नंदुरबार मेडिकल कॉलेज; डॉ. विकास श्रीवास्तव; डॉ. यशवंत कुमार सिंह; डॉ. आशुतोष त्रिपाठी तथा डॉ. काजल हटगांवकर ने विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञ व्याख्यान एवं अकादमिक चर्चा में योगदान दिया।
विशेषज्ञ व्याख्यानों में अचानक होने वाली मृत्यु के संभावित कारणों, युवा व्यक्तियों में अचानक कार्डियक मृत्यु के अंतर्निहित कारणों, कार्डियक पैथोलॉजी, क्लिनिकल एवं ऑटोप्सी निष्कर्षों के समन्वित मूल्यांकन तथा मृत्यु के कारण के वैज्ञानिक एवं मेडिको-लीगल निर्धारण पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों को ऐसे मामलों में सूक्ष्म एवं व्यवस्थित जांच की आवश्यकता से अवगत कराया गया।
हैंड्स-ऑन कार्डियक डिसेक्शन
कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण हैंड्स-ऑन कार्डियक डिसेक्शन एवं इंटरैक्टिव प्रैक्टिकल प्रशिक्षण रहा। इस सत्र का संचालन डॉ. यशवंत कुमार सिंह, डॉ. मिम्ना, डॉ. दीपिका एवं डॉ. नवनीत अटेरिया द्वारा किया गया। प्रतिभागियों को हृदय की व्यवस्थित फोरेंसिक जांच, विभिन्न कार्डियक संरचनाओं की पहचान, डिसेक्शन की व्यावहारिक तकनीक तथा अचानक कार्डियक मृत्यु से संबंधित महत्वपूर्ण पैथोलॉजिकल निष्कर्षों की पहचान का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
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युवा व्यक्तियों में अचानक कार्डियक मृत्यु पर बहुविषयक पैनल चर्चा
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण युवा व्यक्तियों में अचानक होने वाली कार्डियक मृत्यु पर केंद्रित बहुविषयक पैनल चर्चा रही। चर्चा का संचालन डॉ. आशीष सराफ ने किया। पैनल में अचानक कार्डियक मृत्यु के मामलों में क्लिनिकल इतिहास, संभावित कार्डियक कारणों, ऑटोप्सी निष्कर्षों, हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच तथा उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के समन्वित मूल्यांकन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से उन मामलों में मृत्यु के कारण तक पहुंचने की चुनौतियों पर चर्चा की गई, जहां युवा व्यक्ति में मृत्यु बिना किसी स्पष्ट पूर्व चेतावनी के हुई हो।
कार्यक्रम का आयोजन मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता, SM, कार्यकारी निदेशक, AIIMS गोरखपुर के मार्गदर्शन में किया गया। डॉ. मनोज बी. पारचके, अतिरिक्त प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, न्यायिक चिकित्सा एवं विष विज्ञान विभाग आयोजन अध्यक्ष रहे। डॉ. नवनीत अटेरिया आयोजन सचिव तथा डॉ. यशवंत कुमार सिंह एवं डॉ. आशीष सराफ सह-आयोजन सचिव रहे।
कार्यशाला ने विशेषज्ञ व्याख्यान, व्यावहारिक कार्डियक डिसेक्शन तथा युवा व्यक्तियों में अचानक कार्डियक मृत्यु पर केंद्रित बहुविषयक पैनल चर्चा के माध्यम से अचानक होने वाली प्राकृतिक एवं कार्डियक मृत्यु के वैज्ञानिक, क्लिनिकल, पैथोलॉजिकल एवं मेडिको-लीगल मूल्यांकन के लिए एक प्रभावी अकादमिक मंच प्रदान किया।