• 22 वर्षीय महिला के जटिल पैंक्रियाटाइटिस का बिना बड़ी सर्जरी के एंडोस्कोपी से सफल इलाज • डेढ़ साल से ब्लीडिंग की समस्या से परेशान 46 वर्षीय महिला के ग्रेड-3 हेमोरॉयड्स का सफल ऑपरेशन • 3,100 से अधिक मरीजों का सफल इलाज, रीजेंसी हॉस्पिटल गोरखपुर की गैस्ट्रो एवं पाचन तंत्र संबंधी सेवाओं पर बढ़ा भरोसा […]
• 22 वर्षीय महिला के जटिल पैंक्रियाटाइटिस का बिना बड़ी सर्जरी के एंडोस्कोपी से सफल इलाज
• डेढ़ साल से ब्लीडिंग की समस्या से परेशान 46 वर्षीय महिला के ग्रेड-3 हेमोरॉयड्स का सफल ऑपरेशन
• 3,100 से अधिक मरीजों का सफल इलाज, रीजेंसी हॉस्पिटल गोरखपुर की गैस्ट्रो एवं पाचन तंत्र संबंधी सेवाओं पर बढ़ा भरोसा
गोरखपुर, 09 अक्टूबर 2026: रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर में पेट एवं पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डिपार्टमेंट में अब तक 3,100 से अधिक मरीजों का इलाज किया जा चुका है। यहां गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी की विशेषज्ञ टीम के साथ आधुनिक जांच एवं उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। हाल ही में टीम ने पैंक्रियाटाइटिस और हेमोरॉयड्स के जटिल मामलों का सफल इलाज किया।
पहले मामले में 22 वर्षीय महिला करीब छह सप्ताह से पेट दर्द, पेट फूलने और उल्टी से परेशान थीं। जांच में पैंक्रियास के आसपास काफी मात्रा में फ्लूड और डेड टिश्यू जमा मिला, जिसे वॉल्ड-ऑफ नेक्रोसिस कहा जाता है। इसके कारण खाना आगे जाने में भी रुकावट हो रही थी। जांच में गॉल स्टोन की समस्या भी सामने आई। शुरुआती इलाज से अपेक्षित सुधार नहीं होने पर एंडोस्कोपी के जरिए उपचार का निर्णय लिया गया।
रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर के कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. सचिन एच. जे. की देखरेख में 1 सितंबर 2026 को ईयूएस-गाइडेड सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी की गई। इस प्रोसीजर में पेट के रास्ते पैंक्रियास के पास जमा फ्लूड और डेड टिश्यू को बाहर निकालने के लिए एक स्पेशल स्टेंट लगाया गया। प्रोसीजर के बाद मरीज की हालत स्टेबल रही और कोई गंभीर समस्या नहीं हुई। अगले दिन लिक्विड डाइट शुरू की गई और बाद में मरीज ने बिना उल्टी के सेमी-सॉलिड डाइट भी लेना शुरू कर दिया। संतोषजनक स्थिति में मरीज को 4 सितंबर 2026 को डिस्चार्ज किया गया।
डॉ. सचिन एच. जे., कंसल्टेंट-गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर ने कहा, “पैंक्रियाटाइटिस में पैंक्रियास के आसपास फ्लूड और डेड टिश्यू जमा होने से स्थिति गंभीर हो सकती है। इस मरीज में एंडोस्कोपिक ड्रेनेज से इन्हें बाहर निकालने में मदद मिली और मरीज की हालत में सुधार हुआ। लगातार पेट दर्द, पेट फूलना और उल्टी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।”
दूसरे मामले में बिहार के पीरापुर निवासी 46 वर्षीय श्रीमती सुषमा सिंह करीब डेढ़ साल से शौच के दौरान फ्रेश ब्लड आने की समस्या से परेशान थीं। पिछले दो सप्ताह में ब्लीडिंग बढ़ने पर जांच कराई गई। कोलोनोस्कोपी में बड़ी बाहरी बवासीर और आगे की जांच में 7 बजे व 11 बजे की पोजिशन पर दो ग्रेड-3 इंटरनल हेमोरॉयड्स पाए गए। मरीज की स्थिति को देखते हुए 7 सितंबर 2026 को स्पाइनल एनेस्थीसिया के तहत ओपन मिलिगन-मॉर्गन हेमोरॉयडेक्टॉमी की गई। दोनों प्रभावित हेमोरॉयड्स को हटाकर ब्लीडिंग नियंत्रित की गई। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति सामान्य रही और 9 सितंबर 2026 को संतोषजनक स्थिति में डिस्चार्ज कर दिया गया। मरीज का इलाज डॉ. सौम्यदीप साईं, एम.एस. (जनरल सर्जरी), डीआरएनबी (सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), एसोसिएट कंसल्टेंट-सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, एचपीबी सर्जरी एवं लिवर ट्रांसप्लांटेशन, रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर की देखरेख में किया गया।
डॉ. सौम्यदीप साईं ने कहा, “बवासीर के साथ बार-बार फ्रेश ब्लड आना या लंबे समय तक ब्लीडिंग होना नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कब्ज और शौच के दौरान ज्यादा जोर लगाने से समस्या बढ़ सकती है। ऐसे लक्षणों में समय पर डॉक्टर से जांच कराकर ब्लीडिंग की वजह पता करना और उचित इलाज लेना जरूरी है।”
डॉ. चंद्रमौली मिश्रा, कंसल्टेंट-गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर ने कहा, “लगातार पेट दर्द, पेट फूलना, उल्टी, ब्लीडिंग या लंबे समय तक कब्ज जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और विशेषज्ञ की सलाह से बीमारी की सही पहचान और उचित इलाज संभव है।”
रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर की गैस्ट्रो टीम में डॉ. सचिन एच. जे., डॉ. चंद्रमौली मिश्रा और डॉ. सौम्यदीप साईं शामिल हैं। विभाग में अब तक 3,100 से अधिक मरीजों का इलाज किया जा चुका है। यहां पेट, आंत, लिवर, पित्त की थैली और पैंक्रियास से जुड़ी बीमारियों के लिए जांच, एंडोस्कोपी और जरूरत के अनुसार सर्जिकल ट्रीटमेंट की सुविधा उपलब्ध है।
रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर के वाइस प्रेसिडेंट-ऑपरेशन्स, संदीप शर्मा ने कहा, “हमारा प्रयास है कि गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को पेट एवं पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध कराई जा सकें। हॉस्पिटल में अनुभवी डॉक्टरों की टीम के साथ आधुनिक जांच और इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं। गंभीर और जटिल मामलों में मरीज की स्थिति के अनुसार विशेषज्ञों की टीम मिलकर इलाज की योजना तैयार करती है। हमारा फोकस मरीजों को समय पर सही इलाज और बेहतर देखभाल उपलब्ध कराने पर है।”
रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर में पेट एवं पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और संबंधित विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। यहां मरीजों की जरूरत के अनुसार जांच, एंडोस्कोपी, सर्जिकल ट्रीटमेंट और फॉलो-अप की सुविधा दी जाती है। हॉस्पिटल का उद्देश्य गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को समय पर विशेषज्ञ सलाह, आधुनिक इलाज और बेहतर मरीज देखभाल उपलब्ध कराना है।