जगमग हो उठा श्मशान, 21 हजार दीपों से हुई जल, थल व नभ में सरयू की आरती
ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

बड़हलगंज/ गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) : बड़हलगंज विगत तीन दिनों से चल रहे सरयू अमृत महोत्सव के अंतिम दिन सरयू तट स्थित मुक्तिपथ पर इक्कीस हजार दीपों से मां सरयू की आरती हुई। इस दौरान पूरा मुक्तिपथ श्मशान स्थल व सरयू घाट रोशनी से जगमग हो उठा।
रविवार को सरयू महोत्सव के तीसरे दिन जहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यकमों की प्रस्तुति हुई तो वहीं दोपहर में सरयू की धारा में नौका दौड़ का भी आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम पुरस्कार योगेन्द्र साहनी, राधेश्याम को द्वितीय एवं वीरेंद्र को तृतीय पुरस्कार दिया गया। तत्पश्चात अध्यात्म, चिकित्सा, पत्रकारिता, समाजसेवा, कृषि, शिक्षा सहित कुल 13 क्षेत्रों में 26 लोगों को सरयू रत्न तथा महिला शशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य करने वाली दो महिलाओं को अपराजिता सम्मान दिया गया। वहीं देर शाम इक्कीस हजार दीपों से जल, थल व नभ में सरयू की भव्य आरती की गई। इस दौरान पूरा सरयू तट दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। इस दौरान गोविंद वर्मा की टीम ने सरयू आरती व महाकाल की आरती का भव्य मंचन कर सबको भावबिहोर कर दिया। देर शाम तक उड़ीसा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि प्रदेशों से आई कलाकारों की टीम ने विभिन्न रंगारंग प्रस्तुति देकर दर्शकों की वाहवाही लूटी। इस दौरान रंगमहल अयोध्या के पीठाधीश्वर रामशरण दास जी महाराज, एमएलसी सीपी चंद, पिपराइच के विधायक महेंद्रपाल सिंह, गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह, सहजनवा विधायक प्रदीप शुक्ल, चेयरमैन प्रीति उमर, बड़हलगंज ब्लॉक प्रमुख रामाशीष राय, गगहा ब्लॉक प्रमुख शिवाजी चंद, ब्लॉक प्रमुख पिपरौली दिलीप यादव, चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, सभासद दीपक शर्मा, लक्ष्मण साहनी, राजीव पांडेय, श्रीकांत सोनी, नित्यानंद मिश्रा, विपिन तिवारी, ह्रदयशंकर सिंह, प्रवीण दुबे सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहें।
सरयू अमृत स्मारिका का हुआ विमोचन,
सरयू महोत्सव के मंच से सरयू अमृत स्मारिका का विमोचन अयोध्या रंगमहल पीठाधीश्वर रामशरण दास जी महाराज, एमएलसी सीपी चंद, अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक रमेश भाई शुक्ल, विधायक राजेश त्रिपाठी आदि के हाथों किया गया। इस पत्रिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सहित कई मंत्रियों का महोत्सव को लेकर संदेश छपा है। इसके अतिरिक्त स्मारिका में कई सामाजिक मुद्दों पर लेख भी प्रस्तुत किए गए हैं।






