राष्ट्रीय टेक्नो फेस्टिवल 2026 में खगोलविद अमर पाल सिंह को मिला नेशनल कलाम यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड
गुजरात के अंकलेश्वर में आयोजित छठवें भारतीय साइंस टेक्नो फेस्टिवल में मिली बड़ी उपलब्धि, खगोल विज्ञान के क्षेत्र में प्रयासों के लिए किया गया सम्मानित
गोरखपुर। खगोल विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रयासों और वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रहे खगोलविद अमर पाल सिंह को गुजरात के अंकलेश्वर में आयोजित छठवें भारतीय साइंस टेक्नो फेस्टिवल 2026 में नेशनल कलाम यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 24 एवं 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में उन्हें खगोल विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए जा रहे सार्थक प्रयासों को ध्यान में रखते हुए यह पुरस्कार प्रदान किया गया। यह उपलब्धि उनके लिए गौरव का विषय होने के साथ-साथ खगोल विज्ञान एवं विज्ञान संचार के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित करने वाली है।
इस आयोजन के माध्यम से खगोलविद अमर पाल सिंह को अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार संबंधी क्षमताओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला। खगोल विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों और आमजन में रुचि विकसित करने तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए मिला यह सम्मान विज्ञान के क्षेत्र में उनकी सक्रियता को रेखांकित करता है।
छठवें भारतीय साइंस टेक्नो फेस्टिवल का आयोजन रमन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन, एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल काउंसिल ऑफ यंग साइंटिस्ट, नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स साइंटिस्ट एवं अन्य संस्थाओं के सहयोग से किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, रचनात्मकता और नवाचार से जुड़ी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करना तथा वैज्ञानिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना रहा।
यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड मिलने पर खगोलविद अमर पाल सिंह ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि न होकर बल्कि यह उन सभी लोगों की भी उपलब्धि है जो विज्ञान में विश्वास रखते हैं और समाज में अपने अपने हिस्सों के प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूपेण सर्वश्रेष्ठ योगदान दे रहे हैं।
अमर पाल सिंह की इस बड़ी उपलब्धि पर विज्ञान एवं खगोल विज्ञान जगत से जुड़े लोगों ने दी बधाई
खगोलविद अमर पाल सिंह को इस प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किए जाने पर विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त की। उनकी इस उपलब्धि पर डॉ. चंद्रमौली जोशी(चेयरमैन, ए० आई०आर०एम०सी),डॉ. जे.जे.रावल(प्रसिद्ध खगोलविज्ञानी),अनिल यादव (पूर्व निदेशक एवं डायरेक्टर, वि० प्रौ०परिषद,वि० प्रौ० विभाग, यू०पी०),महादेव पांडेय (वै० अधि०),सुरेश चंद्र शर्मा (वै० अधि०),सुमित श्रीवास्तव ( वै० अधि०), डॉ. दिलीप भट्ट,(इसरो ),डॉ. ए.सी. माथुर(इसरो) डॉ. आलोक माथुर(इसरो), डॉ. एस.पी. व्यास(इसरो) इंजी.जयंत पी.जोशी(इसरो), प्रो. हरिओम वत्स(इसरो),प्रो.चंद्रमौली सोलंकी, प्रो. मुकेश कुमार, चित्रा सिंह,परिधि व्यास, सुशी सक्सेना,कावेरी यादव,अज़हर यूसुफ,अजय एस ० टी ० अली,,बृजेश यादव,(आई०आई०एस०सी०), इंजीनियर वी.एन. राव रेड्डी, डॉ. राजेश ठाकुर, प्रो. आर.आर. एलांगेवन(इसरो) डॉ. अमित(डी० आर० डी० ओ०),डॉ. चक्रपाणी पटनायक,अरविंद सिंह पटेल, डॉ.राहुल व्यास,इरितिका यूसुफ,हरिशंकर,देवेंद्र कुमार, राम कृपाल,अशोक मिश्रा,मुस्तन शेरूल्लाह, अमरेश कुमार,श्रुति और चोब सिंह(सीनियर रिसर्चर)सहित अनेकों लोगों ने शुभकामनाएं प्रेषित कर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह सम्मान खगोल विज्ञान के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाने और समाज में वैज्ञानिक चेतना के प्रसार के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस उपलब्धि से विज्ञान एवं अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों और आमजन को प्रेरित करने वाले प्रयासों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।






