•एडवांस पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी कैंप ने गोरखपुर में आधुनिक चिकित्सा की नई उम्मीद जगाई •डॉ. नीरज अवस्थी की देखरेख में 18 माह तक नियमित जांच और उपचार से मिली बड़ी सफलता गोरखपुर।बाबा गुरु गोरखनाथ की पावन नगरी गोरखपुर अब आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से नई पहचान बना रही है। शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में […]
•एडवांस पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी कैंप ने गोरखपुर में आधुनिक चिकित्सा की नई उम्मीद जगाई
•डॉ. नीरज अवस्थी की देखरेख में 18 माह तक नियमित जांच और उपचार से मिली बड़ी सफलता
गोरखपुर।बाबा गुरु गोरखनाथ की पावन नगरी गोरखपुर अब आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से नई पहचान बना रही है। शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में आयोजित एडवांस पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी कैंप के माध्यम से गर्भ में पल रहे बच्चे के हृदय रोग का सफल उपचार शुरू किया गया। जन्म के बाद लगातार निगरानी और आधुनिक जांचों के परिणामस्वरूप आज बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।
पीपीगंज निवासी गर्भवती महिला प्रियंका सिंह के गर्भ में पल रहे शिशु की जांच के दौरान हृदय की मुख्य धमनी एओर्टिक आर्च में गंभीर समस्या का पता चला था। इस जानकारी के बाद परिजन अत्यंत चिंतित हो उठे। ऐसे कठिन समय में शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में उपलब्ध उन्नत सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श ने परिवार को नई आशा दी।
मामले की देखरेख *डॉ. नीरज अवस्थी* ने की, जो स्कॉट फोर्टिस इंस्टीट्यूट में कार्डियोलॉजी डायरेक्टर एवं *पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट* हैं। डॉ. अवस्थी वर्ष 2017 से प्रत्येक माह शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि नियमित निगरानी, समयबद्ध जांच और उचित उपचार से बच्चे को सुरक्षित रखा जा सकता है।
जन्म के बाद बच्चे की प्रत्येक छह माह पर *इकोकार्डियोग्राफी* द्वारा जांच की गई। वर्तमान में बच्चा लगभग 18 माह का हो चुका है। नवीनतम जांच में उसकी हृदय संबंधी समस्या लगभग पूरी तरह ठीक पाई गई है। यह सफलता न केवल परिजनों के लिए राहत का संदेश है, बल्कि पूर्वांचल में बाल हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है।
शाही ग्लोबल हॉस्पिटल के अनुसार डॉ. नीरज अवस्थी के मार्गदर्शन में *अब तक लगभग 650 बच्चों के हृदय का निःशुल्क ऑपरेशन* सफलतापूर्वक कराया जा चुका है और सभी बच्चे स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। यह सेवा उन परिवारों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है, जो बड़े शहरों में महंगा उपचार कराने में असमर्थ होते हैं।
अस्पताल में अब लेज़र तकनीक, रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी और उन्नत कार्डियक सेवाओं जैसी आधुनिक सुविधाएं स्थानीय मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे गोरखपुर और आसपास के जिलों के मरीजों को बड़े महानगरों की ओर जाने की मजबूरी काफी हद तक कम हो रही है।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के माध्यम से अब ब्रेन स्ट्रोक, फेफड़ों और किडनी की जटिल समस्याओं, अत्यधिक ब्लीडिंग तथा ऐसे कैंसर जिनका ऑपरेशन संभव नहीं होता, उनके उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है। यह चिकित्सा व्यवस्था गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है।
शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में गर्भस्थ शिशु के हृदय रोग की पहचान, समय रहते उपचार की शुरुआत और जन्म के बाद बच्चे का स्वस्थ होना यह साबित करता है कि सही समय पर जांच, विशेषज्ञ चिकित्सक और आधुनिक तकनीक मिलकर असंभव प्रतीत होने वाली स्थितियों को भी आशा में बदल सकते हैं।
आज के कार्डियोलॉजी कैंप में कुल 86 बच्चों का परीक्षण हुआ। इतने बच्चे देखे गए जिसमें 19 बच्चों को हृदय के आपरेशन की आवश्यकता है जिनका निश्शुल्क आपरेशन कराने के लिए प्रयास चालू कर दिया गया है। अगले कुछ महीनों में इन सभी बच्चों का आपरेशन करा दिया जाएगा।