*गोरखपुर में गोंड धुरिया समाज का हल्ला बोल, चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी के आवास का घेराव*
*गोरखपुर, चिल्लूपार -* चिल्लूपार विधानसभा में सोमवार को गोंड धुरिया समाज ने विधायक घेरो अभियान के तहत स्थानीय विधायक राजेश त्रिपाठी के आवास पर जोरदार घेराव किया। समाज के सैकड़ों लोग हाथों में तख्ती और ज्ञापन लेकर पहुंचे और जाति प्रमाण पत्र निर्गत कराने व मूलभूत सुविधाएं दिलाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश देखने को मिला।
समाज के लोगों का आरोप है कि सैकड़ों बार तहसील प्रशासन को आवेदन देने के बाद भी तहसीलदार और लेखपाल द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता है। बल्कि आवेदकों को बार-बार तहसील के चक्कर लगवाए जाते हैं, दौड़ाया जाता है। इससे समाज के बच्चों की पढ़ाई, नौकरी और आरक्षण का लाभ पूरी तरह से बाधित हो रहा है।
*शासनादेश के बाद भी प्रमाण पत्र जारी न करना अन्याय है – शिव शंकर गोंड*
इस मौके पर मूलनिवासी आदिवासी आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शंकर गोंड ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के तमाम शासनादेश स्पष्ट हैं कि गोंड धुरिया समाज अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत आता है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद स्थानीय प्रशासन जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहा है। यह सीधे-सीधे अन्याय है।
उन्होंने कहा, “गोंड समाज अब चुप नहीं बैठेगा। हमारे वोट से विधायक बने हुए लोग अब हिसाब दें कि गोंड भाई-बहनों को आरक्षण का लाभ कब मिलेगा। जब चुनाव आता है तो सभी नेता गोंड समाज के घर आते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई सुध नहीं लेता। वर्षों से हमारे समाज के साथ धोखा हो रहा है।”
शिव शंकर गोंड ने आगे कहा कि शासन के आदेशों की अवहेलना कर तहसील स्तर के कर्मचारी समाज को परेशान कर रहे हैं। अगर जल्द ही इस पर रोक नहीं लगी तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा।
*हजारों की आबादी, फिर भी सुविधाओं से वंचित*
कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला अध्यक्ष सूरज कुमार गोंड ने कहा कि चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में ही हजारों-हजार की संख्या में गोंड बिरादरी निवास करती है। लेकिन दुर्भाग्य है कि आज भी यह समाज मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
उन्होंने कहा, “हमारे समाज के लोगों के पास न तो सही से आवास है, न शिक्षा की पूरी व्यवस्था है और न ही रोजगार। सबसे बड़ी समस्या जाति प्रमाण पत्र की है। प्रमाण पत्र नहीं होने से हमारे बच्चे छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते हैं, स्कूल-कॉलेज में एडमिशन में दिक्कत आती है, नौकरियों में आरक्षण नहीं मिल पाता। यह हमारे आरक्षण को खत्म करने की सोची-समझी साजिश रची जा रही है।”
सूरज कुमार गोंड ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किए गए तो इससे भी बड़ा आंदोलन विधायक और प्रशासन के खिलाफ किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
*वर्षों से हो रहा अन्याय अब बर्दाश्त नहीं – गोपाल गोंड*
वरिष्ठ नेता गोपाल जी गोंड ने कहा कि वर्षों से गोंड समाज के साथ अन्याय हो रहा है, जो अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि गोंड समाज इस देश का मूलनिवासी आदिवासी समाज है, जिसने देश की आजादी से लेकर आज तक अपना योगदान दिया है, लेकिन आज उसे ही अपने हक के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, वादे करती हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता। अब समाज जाग चुका है और अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगा।
*सभासदों ने किया नेतृत्व*







