नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे :-
जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े सक्रिय सदस्य और RHA के संस्थापक सदस्यों में शामिल बताए जा रहे अजीत भारती पर केस |
समर्थकों का आरोप—आंदोलन की आवाज दबाने की कोशिश
नई दिल्ली।दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे Reservation Reform आंदोलन के बीच अजीत भारती के खिलाफ FIR दर्ज होने से विवाद और गहरा गया है।

मामला सिर्फ एक वायरल वीडियो और कथित टिप्पणी तक सीमित नहीं है। आंदोलन से जुड़े लोगों के बीच अब यह सवाल भी उठ रहा है कि—
क्या FIR के पीछे सिर्फ सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी है, या फिर इसका असर जंतर-मंतर के आंदोलन पर भी पड़ सकता है?
अजीत भारती की आंदोलन में क्या भूमिका है?
आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार, अजीत भारती दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे Reservation Reform आंदोलन के सक्रिय सदस्यों में शामिल हैं।
उन्हें RHA Page के संस्थापक सदस्यों में से एक भी बताया जा रहा है।
यानी FIR ऐसे समय सामने आई है, जब जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है।

यही वजह है कि FIR को लेकर आंदोलन के समर्थकों में राजनीतिक और आंदोलनात्मक दोनों तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
⚡ आंदोलन समर्थकों का बड़ा आरोप
आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों का आरोप है कि—
अजीत भारती के खिलाफ FIR का इस्तेमाल आंदोलन की सक्रिय आवाज को कमजोर करने के लिए किया जा सकता है।
उनका तर्क है कि यदि आंदोलन के प्रमुख सक्रिय सदस्यों में से किसी एक को कानूनी मामले में उलझाया जाता है, तो इससे आंदोलन की गतिविधियों, नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर पड़ सकता है।
लेकिन क्या वाकई FIR का मकसद आंदोलन को कमजोर करना था?
इसका कोई निर्णायक प्रमाण अभी सामने नहीं आया है।
यही वह सवाल है, जिसका जवाब पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया से ही स्पष्ट हो सकता है।
🔥 FIR और आंदोलन—टाइमिंग ने बढ़ाए सवाल
उपलब्ध FIR के मुताबिक मामला नॉर्थ एवेन्यू थाना, नई दिल्ली में 23 अगस्त 2026 को दर्ज हुआ है।
FIR में SC/ST Act, Information Technology Act और भारतीय न्याय संहिता की कुछ धाराओं का उल्लेख है। घटना का स्थान सोशल मीडिया दर्ज है।
अब आंदोलन से जुड़े लोग सवाल उठा रहे हैं









