भारतीय रेलवे प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए देशभर के 32 रेल मंडलों में मंडल रेल प्रबंधकों (DRM) के तबादले और नई नियुक्तियां की हैं। इस व्यापक फेरबदल के तहत देश के कई महत्वपूर्ण रेल मंडलों को नए नेतृत्व का साथ मिला है। इस निर्णय को रेलवे के प्रशासनिक संचालन और यात्री सुविधाओं को […]
भारतीय रेलवे प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए देशभर के 32 रेल मंडलों में मंडल रेल प्रबंधकों (DRM) के तबादले और नई नियुक्तियां की हैं। इस व्यापक फेरबदल के तहत देश के कई महत्वपूर्ण रेल मंडलों को नए नेतृत्व का साथ मिला है। इस निर्णय को रेलवे के प्रशासनिक संचालन और यात्री सुविधाओं को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।
नई तैनाती में उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक के मंडलों को शामिल किया गया है। विशेष रूप से पूर्व-मध्य रेलवे के समस्तीपुर, सोनपुर, दानापुर और कटिहार मंडलों में DRM बदले गए हैं, जहां यात्रियों की संख्या और माल ढुलाई की दृष्टि से ये मंडल अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
समस्तीपुर मंडल में श्री अश्वनी श्रीवास्तव को नया DRM नियुक्त किया गया है, वहीं सोनपुर में श्री अमित सरन, दानापुर में श्री विनोद कुमार और कटिहार मंडल में श्री कीरेन्द्र नराह को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुरादाबाद जैसे उच्च ट्रैफिक वाले मंडल की कमान अब श्री संग्रह मौर्य के हाथों में दी गई है।
इसके अलावा दक्षिण भारत में त्रिवेन्द्रम, मदुरै, तिरुचिरापल्ली, चेन्नई, विजयवाड़ा और सिकंदराबाद मंडलों को भी नया नेतृत्व मिला है। श्री दिव्यकांत चंद्राकर, श्री ओम प्रकाश मीणा, श्री बलक राम नेगी, श्री शैलेंद्र सिंह, श्री मोहित सोनकिया और श्री आर. गोपालकृष्णन को क्रमशः इन मंडलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पश्चिम बंगाल के हावड़ा, आसनसोल, अलीपुरद्वार और खड़गपुर मंडलों में भी नई नियुक्तियां की गई हैं, जो रेलवे के पूर्वी क्षेत्र के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। श्री विशाल कपूर, श्री जयंती कुमार, श्री प्रदीप कुमार महंती और श्री ललित मोहन पांडे इन मंडलों के नए DRM बने हैं।
मध्य भारत के भोपाल, रांची, झांसी, जयपुर, आद्रा और अहमदाबाद मंडलों में भी वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति कर संगठन को नई ऊर्जा प्रदान की गई है।
यह प्रशासनिक कदम न केवल रेलवे के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने और मालवहन की गति को बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगा। इस बदलाव को लेकर रेलवे के अंदर सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि ये नवनियुक्त अधिकारी रेलवे की दशा और दिशा बदलने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
रेल मंत्रालय द्वारा किए गए इस व्यापक बदलाव को रेलवे के भविष्य की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जो “न्यू इंडिया की न्यू रेलवे” की कल्पना को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
सभी नवनियुक्त DRM अधिकारियों को उनके नए कार्यक्षेत्र के लिए ढेरों शुभकामनाएं, उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में भारतीय रेल नई ऊंचाइयों को छूएगी।