द्वापर युग की तस्वीर, कलयुग में फिर से जीवित हुई
यह कोई कंस की जेल में जन्मा देवकी-नंदन नहीं है… यह प्रयागराज की गलियों में जन्मा एक आम शिशु है, जिसे उसके माता-पिता जलमग्न सड़कों से हाथों में उठाकर बचा रहे हैं। बाढ़ की तबाही के बीच यह दृश्य किसी काल्पनिक कथा-सा नहीं, बल्कि हकीकत है। प्रयागराज की सड़कों पर पानी इस कदर भर चुका […]

यह कोई कंस की जेल में जन्मा देवकी-नंदन नहीं है…
बाढ़ की तबाही के बीच यह दृश्य किसी काल्पनिक कथा-सा नहीं, बल्कि हकीकत है। प्रयागराज की सड़कों पर पानी इस कदर भर चुका है कि घर, मंदिर, बाजार सब पानी में डूबे हैं।
लेखक: Anil Singh
निष्पक्ष टुडे के विशेष संवाददाता। राजनीति, समाज और विकास से जुड़े विषयों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग का अनुभव।
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