अब हाईकोर्ट में अपील की तैयारी, याचिका खारिज होने से विश्वविद्यालय को लगा झटका शिकोहाबाद/फिरोजाबाद। फर्जी डिग्री प्रकरण में जयपुर जेल में बंद जेएस विवि के चांसलर डॉ सुकेश यादव व रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा की जमानत याचिका पर जिला न्यायालय जयपुर में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद जिला न्यायालय ने चांसलर व रजिस्ट्रार की जमानत […]
अब हाईकोर्ट में अपील की तैयारी, याचिका खारिज होने से विश्वविद्यालय को लगा झटका
शिकोहाबाद/फिरोजाबाद। फर्जी डिग्री प्रकरण में जयपुर जेल में बंद जेएस विवि के चांसलर डॉ सुकेश यादव व रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा की जमानत याचिका पर जिला न्यायालय जयपुर में सुनवाई हुई।
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सुनवाई के बाद जिला न्यायालय ने चांसलर व रजिस्ट्रार की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
जिला कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद परिजनों ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में जाने की तैयारी शुरू कर दी है।
लेकिन चांसलर व रजिस्ट्रार की जमानत खारिज होने के बाद विवि प्रबंधन मायूस है।
जयपुर में शारीरिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में जेएस विवि के नाम की फर्जी डिग्री के बल पर कई आवेदकों ने शारीरिक शिक्षक की नौकरी पाई थी।
जब सभी शिक्षकों की डिग्री की जांच की गई तो जेएस विश्वविद्यालय की डिग्री से बने शिक्षकों की डिग्री फर्जी पाई गई।
जिसके आधार पर राजस्थान सरकार ने सभी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया था।
पूरे प्रकरण की जांच एसओजी जयपुर को दी गई थी। एसओजी ने जांच के दौरान विश्वविद्यालय की भूमिका संदिग्ध पाई। फर्जी डिग्री प्रकरण के आधार पर एसओजी ने विवि के रजिस्ट्रार व चांसलर को गिरफ्तार कर दिया।
एसओजी ने पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया। उसके बाद परिजनों ने जमानत के लिए जिला न्यायालय में याचिका दाखिल की।
2 मई को याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान जिला न्यायालय ने दोनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
जिसके बाद से परिजनों ने हाईकोर्ट में जाने का फैसला किया है।चांसलर के परिजनों ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है।
*शिकोहाबाद पुलिस ने रिमांड पर लेकर की थी पूछताछ*
फर्जी डिग्री के मामले में शिकोहाबाद में छात्रों की शिकायत पर दो मुकदमा दर्ज किए गए थे।
छात्रों ने फर्जी डिग्री के मामले में विवि के चांसलर, रजिस्ट्रार,प्रतिकुलाधिपति डॉ पीएस यादव, महानिदेशक डॉ गौरव यादव सहित कृषि संकाय के एचओडी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने फर्जी डिग्री के मामले में कोर्ट से 48 घंटे की रिमांड मांगी जिसके आधार पर 30 अप्रैल को जयपुर से रिमांड पर लेकर आई
जहां चांसलर, रजिस्ट्रार से पुलिस ने 200 से अधिक प्रश्न पूछे।
48 घंटे की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस दोनों आरोपियों को जयपुर जेल भेज प्रशासन को सौप दिया था।
*भागे आरोपियों की तलाश में लगातार दबिशें*
शिकोहाबाद में प्रतिकुलाधिपति डॉ पीएस यादव, महानिदेशक डॉ गौरव यादव सहित कृषि संकाय के एचओडी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। तीनों आरोपी भागे हुए हैं।
पुलिस अभी तक उनका सुराग नहीं लगा पा रही है। कभी रिश्तेदारों तो कभी इनकी ससुराल में छापामारी कर रही है लेकिन आरोपी कहीं छिप गए हैं।
अपने मोबाइल भी चांसलर की गिरफ्तारी के बाद से नहीं खोले गए हैं।
*प्रशासन की कार्रवाई धीमी हुई*
जेएस विवि के खिलाफ जिस तरह से जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की थी।
अधिकारियों की टीमों को लेकर विवि के नक्शे से लेकर जमीन तक की जांच कराई थी।
विकास प्राधिकरण ने तब कई खामियां मिलने की बात कही थी।
तहसील प्रशासन शिकोहाबाद ने भी जमीन की खरीद में नियमों की अनदेखी की बात कही थी।
लगातार अधिकारी विवि में डेरा डाले रहे लेकिन अब पिछले एक माह से पूरे मामले की कार्रवाई धीमी हो गई है।
अब कोई जांच अधिकारी जेएस में दस्तक नहीं दे रहा जिससे विवि प्रशासन भी राहत की सांस ले रहा है।
फिलहाल लोगों की निगाहें शिकोहाबाद पुलिस द्वारा की जा रही मुकदमों की कार्रवाई पर टिकी है।