प्रभारी ब्यूरो : संतोष कुमार त्रिपाठी, खजनी गोरखपुर। खजनी / गोरखपुर । गोरखपुर की खजनी तहसील एक बार फिर विवादों की आग में घिर गई है। इस बार निशाने पर हैं तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह, जिन पर एसडीएम के पेशकार सुशील श्रीवास्तव को सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज करने का आरोप है। तहसील परिसर में इस […]
प्रभारी ब्यूरो : संतोष कुमार त्रिपाठी, खजनी गोरखपुर।
खजनी / गोरखपुर । गोरखपुर की खजनी तहसील एक बार फिर विवादों की आग में घिर गई है। इस बार निशाने पर हैं तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह, जिन पर एसडीएम के पेशकार सुशील श्रीवास्तव को सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज करने का आरोप है। तहसील परिसर में इस घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है और कर्मचारी हड़ताल की तैयारी में जुट गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत एक पुरानी पत्रावली के स्थानांतरण को लेकर हुई, जिसे एसडीएम न्यायालय से तहसीलदार कार्यालय भेजा जाना था। इसी मुद्दे पर तहसीलदार ने पहले पेशकार सुशील श्रीवास्तव को अपने न्यायालय में बुलाया और फिर अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करते हुए अपमानित किया। इसके बाद मामला और बिगड़ा, जब तहसीलदार स्वयं एसडीएम कार्यालय जा पहुंचे और वहां भी खुलेआम “ऐसी की तैसी” जैसी अभद्र गालियों की बौछार कर दी।इस अपमानजनक घटनाक्रम की खबर जैसे ही फैली, तहसील के मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया। रात में ही कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी कर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित पेशकार सुशील श्रीवास्तव ने इस घटना की शिकायत मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ से की, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।शुक्रवार को कर्मचारियों ने दोपहर 12 बजे तक तालाबंदी कर दी और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के लिए बैठक बुलाई गई। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक तहसीलदार को हटाया नहीं जाता, वे काम पर नहीं लौटेंगे।
इस पूरे मामले पर जब मीडिया ने एसडीएम खजनी से प्रतिक्रिया लेनी चाही, तो उन्होंने खुद को “मामले से अनभिज्ञ” बताया। यह जवाब जब कर्मचारी ने जाना तो कर्मचारियों का ग़ुस्सा और भड़क गया। कर्मचारियों ने सवाल उठाया है कि क्या तहसील परिसर में ऐसी गंभीर घटना हो जाए और एसडीएम को भनक तक नहीं तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह का विवादों से पुराना नाता है। इससे पहले वे गोरखपुर सदर तहसील में तैनात थे, जहां एक यूट्यूब पत्रकार को फोन पर गाली देने का ऑडियो वायरल हुआ था। उस समय पत्रकारों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला था और प्रदर्शन कर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी। तबादले के बाद उन्हें खजनी भेजा गया, लेकिन उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं दिख रहा।
खजनी तहसील का यह मामला अब जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया से लेकर आम जनता तक, हर कोई तहसीलदार के व्यवहार की निंदा कर रहा है। सवाल यही है — क्या प्रशासन इस बार तहसीलदार पर कार्रवाई करेगा, या मामला एक बार फिर फाइलों में दफन हो जाएगा? हलाकि तहसीलदार ध्रुवेश कुमार के अभद्र ब्यवहार क्षुब्द होकर वरिष्ट सहायक पेशकार एसडीएम सुशील श्रीवास्तव ने अपना त्यागपत्र भी दे दिया । कर्मचारियों की चेतावनी साफ है।या तो कार्रवाई, या फिर ताला”।