ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी बडहलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज : गोरखपुर और देवरिया जनपद की सीमा पर रामजानकी मार्ग स्थित राप्ती नदी पर बने उग्रसेन सेतु पर एक बार फिर बड़ा गड्डा बन गया है। पुल की जर्जर स्थिति के कारण हजारों वाहनों और लाखों लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न […]
ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी
बडहलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज : गोरखपुर और देवरिया जनपद की सीमा पर रामजानकी मार्ग स्थित राप्ती नदी पर बने उग्रसेन सेतु पर एक बार फिर बड़ा गड्डा बन गया है। पुल की जर्जर स्थिति के कारण हजारों वाहनों और लाखों लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देवरिया जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कपरवार चौराहे से आगे उग्रसेन सेतु पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है।इस प्रतिबंध के कारण मालवाहक वाहनों को अब वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त समय और दूरी तय करनी पड़ रही है। यह पुल उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाले प्रमुख संपर्क मार्गों में से एक है।
स्थानीय लोगों ने पुल की तत्काल मरम्मत और एक नए पुल के निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई, तो यह छोटे वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है। प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन और राहगीर इस मार्ग से गुजरते हैं।उग्रसेन सेतु का निर्माण वर्ष 1986 में उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा किया गया था। लगभग 660 मीटर लंबे इस पुल में कुल 13 पिलर लगें हैं। निर्माण के चार दशक पूरे होने के बाद से पुल की संरचना लगातार कमजोर होती जा रही है।
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बीते कुछ वर्षों में यह पुल कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। 19 मार्च 2019 को पुल के पश्चिमी छोर के पांचवें डेक में एक बड़ा गड्डा हो गया था, और 24 जनवरी 2023 को भी पुल के मध्य भाग में दोबारा बड़ा गड्डा बना था। पिछली बार मरम्मत कार्य में लगभग तीन महीने लगे थे, जिस दौरान भारी वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद रहा था।
यह पुल पूर्वांचल के साथ-साथ बिहार के लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। व्यापार, कृषि, शिक्षा, चिकित्सा और दैनिक आवागमन के लिए हजारों लोग प्रतिदिन इसी पुल पर निर्भर रहते हैं, जिससे इसकी सुचारु कार्यप्रणाली अत्यंत आवश्यक है।
पुल की खराब स्थिति से लोगों में लगातार भय का माहौल बना हुआ है। प्रधान प्रतिनिधि संजय गुप्ता ने कहा कि यह पुल कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है इस पुल के जगह पर नया पुल बनाने की भी मांग की इस पुल पर कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है।
पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत पटना एवं राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन, गोरखपुर के जिला प्रभारी हृदय शंकर सिंह ने लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुल की अस्थायी मरम्मत पर्याप्त नहीं होगी।