ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज गायत्री परिवार शाखा बड़हलगंज के तत्वावधान में बुधवार को सुबह से देर रात तक गायत्री जयंती, गंगा दशहरा तथा पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के महाप्रयाण दिवस पर क्षेत्र के विभिन्न केंद्रों पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ विविध कार्यक्रम […]
ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी
बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज गायत्री परिवार शाखा बड़हलगंज के तत्वावधान में बुधवार को सुबह से देर रात तक गायत्री जयंती, गंगा दशहरा तथा पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के महाप्रयाण दिवस पर क्षेत्र के विभिन्न केंद्रों पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। देव पूजन, सामूहिक गायत्री मंत्र जप, युग संगीत, युग संदेश, गायत्री महायज्ञ, दीपयज्ञ और प्रसाद वितरण के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिजनों ने भाग लेकर पूज्य गुरुदेव के बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
गायत्री शक्तिपीठ, बाईपास रोड बड़हलगंज पर सायंकाल आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ देव पूजन एवं सामूहिक गायत्री मंत्र जप से हुआ। इसके बाद सामूहिक गायत्री चालीसा पाठ, युग संगीत एवं युग संदेश प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में दीपयज्ञ, महापूर्णाहुति और महाप्रसाद के साथ आयोजन संपन्न हुआ। मंत्रोच्चार और दीपों की आभा से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।
इसी क्रम में गायत्री प्रज्ञा पीठ रचनात्मक प्रकोष्ठ, सिधुआपार (दक्षिणांचल) में प्रातःकालीन सत्र में देव पूजन, युग संगीत, युग संदेश तथा गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। उपस्थित परिजनों ने गायत्री साधना और यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए समाज में नैतिक जागरण का संदेश दिया।
वहीं मां सरयू के पावन तट स्थित गायत्री प्रज्ञा पीठ, बड़हलगंज में भी श्रद्धा और उल्लास के साथ गायत्री जयंती समारोह मनाया गया। यहां देव पूजन, संगीत, युग संदेश, गायत्री महायज्ञ तथा महापूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने इसे आत्मशुद्धि, संस्कार जागरण और लोकमंगल की भावना से जुड़ा प्रेरक आयोजन बताया।
गायत्री परिवार के लक्ष्मी नारायण गुप्ता , सुबास विश्वकर्मा, विरेंद्र जायसवाल एवं बसंत गुप्ता सहित अन्य लोगों ने बताया कि गायत्री जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नयन, सद्भाव, संस्कार और समाज निर्माण का संदेश देने वाला महापर्व है। कार्यक्रमों में महिला मंडल, युवा प्रकोष्ठ, गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं तथा क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।