गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
सादगी और सामाजिक सरोकारों के लिए याद किए जाएंगे स्वर्गीय पं. राम समुझ शुक्ल, शोक की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हुए अनेक गणमान्य
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गोरखपुर।कुछ लोगों की पहचान उनके पद या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि उनके व्यवहार, संस्कार और लोगों से बने रिश्तों से होती है।
स्वर्गीय पं. राम समुझ शुक्ल जी भी ऐसे ही व्यक्तित्व थे, जिनके निधन से परिवार ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े लोगों और शुभचिंतकों के बीच भी गहरा दुःख है।
04 अगस्त 2026, मंगलवार को पं. राम समुझ शुक्ल जी के निधन का समाचार जैसे ही लोगों तक पहुंचा, उनके परिचितों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई।
🕯️ नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
दिवंगत पं. राम समुझ शुक्ल जी को अंतिम विदाई देने के लिए परिवारजनों के साथ बड़ी संख्या में रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक पहुंचे।
गमगीन माहौल के बीच लोगों ने उन्हें अंतिम नमन किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
उनकी तस्वीर के सामने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए हर किसी के चेहरे पर अपनों को खोने का दर्द साफ नजर आया।
🤝 सियासत से समाज तक—हर वर्ग ने जताया दुःख
पं. राम समुझ शुक्ल जी के निधन पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने परिवार के बीच पहुंचकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
पूर्व विधायक राजन तिवारी, विधायक राजू तिवारी, पूर्व सांसद कुशल शंकर तिवारी उर्फ भीष्म शंकर तिवारी, तेलंगाना के महामहिम राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल, पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय, गोरखनाथ मंदिर से द्वारिका तिवारी, श्रींजय मिश्रा, संजय त्रिपाठी जी, माया शंकर शुक्ल पहलवान और पत्रकार अनुराग त्रिपाठी सहित अनेक लोगों ने शोक-संतप्त परिवार से मुलाकात की ।
इन सभी ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
🌺 तस्वीर के सामने श्रद्धा, आंखों में नम थीं यादें
श्रद्धांजलि सभा के दौरान स्वर्गीय पं. राम समुझ शुक्ल जी की तस्वीर को फूलों से सजाया गया।परिवार और शुभचिंतकों ने तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया।
यह दृश्य केवल एक व्यक्ति को श्रद्धांजलि देने का नहीं, बल्कि उनसे जुड़े रिश्तों और वर्षों की यादों को सम्मान देने का अवसर भी बन गया।
🕉️ गीता का संदेश—शरीर नश्वर, आत्मा अमर
ऐसे समय में श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश हर किसी को जीवन के सत्य का एहसास कराता है—
“नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि, नैनं दहति पावकः।”
अर्थात आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं और न अग्नि जला सकती है।
इसी विश्वास के साथ परिजन अपने प्रियजन को याद करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना कर रहे हैं
🌼 15 अगस्त को होगा ब्रह्मभोज
परिवार द्वारा दिवंगत आत्मा की स्मृति में 15 अगस्त 2026, शनिवार को शाम 7 बजे ब्रह्मभोज का आयोजन किया जाएगा।
स्थान — 507, हुमायूंपुर उत्तरी, गोरखनाथ, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
परिवार ने रिश्तेदारों, मित्रों, शुभचिंतकों और समाज के लोगों से कार्यक्रम में पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अनुरोध किया है।
🕊️ एक व्यक्ति विदा हुआ, लेकिन यादें हमेशा रहेंगी
पं. राम समुझ शुक्ल जी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनसे जुड़े रिश्ते, उनकी यादें और उनके जीवन के संस्कार परिवार और शुभचिंतकों के बीच हमेशा जीवित रहेंगे।
निष्पक्ष टुडे परिवार की ओर से स्वर्गीय पं. राम समुझ शुक्ल जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
ॐ शांति। 🕉️






