बालवाटिका प्ले स्कूल में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई गुरु पूर्णिमा
– नन्हे बच्चों ने गुरु के पदचिह्न बनाकर की पूजा-अर्चना
– शिक्षकों ने बताया, माता-पिता और गुरु जीवन के पहले मार्गदर्शक
फोटो कैप्शन : नौतनवा स्थित बालवाटिका स्कूल में गुरु पूर्णिमा मनाते बच्चे ।
अरविंद कुमार (ब्यूरो चीफ नौतनवा)
: नगर के बालवाटिका प्ले स्कूल में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने गुरु के महत्व को समझते हुए विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने क्राफ्ट पेपर पर गुरु के पदचिह्न बनाकर उनकी पूजा-अर्चना की। शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि जीवन के प्रथम गुरु माता-पिता होते हैं, जबकि स्कूल के शिक्षक उन्हें सही दिशा और संस्कार प्रदान करते हैं। बच्चों ने अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और आदर बनाए रखने का संकल्प लिया। इस दौरान मिस अंकिता अग्रहरी और मिस सोनाक्षी अग्रहरी ने बच्चों को पदचिह्न बनाने की गतिविधि में सहयोग किया, जबकि मिस सनोवर खातून और मिस शहनाज ने गुरु पूर्णिमा के धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यावहारिक महत्व की जानकारी दी।
स्कूल के प्रबंधक सन्नी गुप्ता ने कहा कि माता-पिता बच्चे को जीवन देते हैं, जबकि गुरु उसे सही मार्ग दिखाकर एक सफल और संस्कारवान नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। कार्यक्रम में स्कूल का समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।






