श्री श्री रविशंकर ने मनीष वर्मा को कबूतरी देवी राजेश्वर त्रिपाठी स्मारक पीजी कॉलेज का प्रबंधक नियुक्त किया, शिक्षा जगत में नई उम्मीद
सोनबरसा – गोरखपुर। संवाददाता अभिषेक कुमार पाठक। शिक्षा के क्षेत्र में सेवा, समर्पण और संस्कार को नई दिशा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी ने अपने आशीर्वाद और विश्वास के साथ मनीष वर्मा को कबूतरी देवी राजेश्वर त्रिपाठी स्मारक पीजी कॉलेज, बालेन्द्रपुरी, डुमरी खास का प्रबंधक नियुक्त किया है।
यह नियुक्ति केवल एक पदभार नहीं, बल्कि गुरुदेव की उस सोच का प्रतीक है, जिसमें शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उसे चरित्र निर्माण, सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ा जाता है। मनीष वर्मा की यह नई जिम्मेदारी क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने और युवाओं को बेहतर भविष्य की ओर ले जाने की एक नई शुरुआत मानी जा रही है।
गुरुदेव की कृपा और विश्वास का प्रसाद
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद मनीष वर्मा ने भावुक होते हुए इसे गुरुदेव की कृपा और उनके विश्वास का प्रसाद बताया। उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं है। यह मेरे जीवन की एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी ने जो विश्वास मुझ पर दिखाया है, मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ उस पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा।”
मनीष वर्मा लंबे समय से आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़े रहे हैं और गुरुदेव के मार्गदर्शन में सामाजिक सेवा, शिक्षा और मानवतावादी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। सोनबरसा और आसपास के क्षेत्रों में उनके द्वारा किए गए सेवा कार्यों की हमेशा सराहना होती रही है। चाहे वह पर्यावरण संरक्षण हो, नशा मुक्ति अभियान हो या युवाओं को ध्यान और सुदर्शन क्रिया से जोड़ना हो, मनीष वर्मा ने हमेशा एक सेवक के रूप में काम किया है।
क्या है मनीष वर्मा का विजन?
प्रबंधक नियुक्त होने के बाद मनीष वर्मा ने महाविद्यालय के लिए अपना स्पष्ट विजन रखा। उन्होंने कहा कि उनकी तीन प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी।
1. शैक्षिक व्यवस्था को मजबूत करना: महाविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना। नियमित कक्षाएं, अनुभवी प्राध्यापकों की नियुक्ति, लाइब्रेरी को डिजिटल और समृद्ध करना और छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की व्यवस्था करना।
2. प्रबंधन को प्रभावी और पारदर्शी बनाना: कॉलेज के प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाना, ताकि छात्रों और अभिभावकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। प्रवेश से लेकर परीक्षा तक की पूरी प्रक्रिया को सरल और छात्र-हितैषी बनाना।
3. बेहतर शैक्षिक वातावरण: छात्र-छात्राओं को सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिक शिक्षा, योग, ध्यान और व्यक्तित्व विकास का भी वातावरण देना। गुरुदेव की प्रेरणा से संचालित मानव मूल्यों पर आधारित शिक्षा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना।
उन्होंने कहा कि संस्थान की गरिमा को बनाए रखते हुए इसे पूर्वांचल का एक आदर्श महाविद्यालय बनाने का लक्ष्य है।
संस्थापक परिवार के प्रति आभार
मनीष वर्मा ने इस अवसर पर महाविद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय बालेंद्र त्रिपाठी जी को नमन किया और उनके परिवार के प्रति विशेष कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संस्थापक के पुत्र *राधेश्याम त्रिपाठीऔर उनकी धर्मपत्नी अमिता त्रिपाठीने हमेशा उन्हें एक छोटे भाई की तरह सहयोग दिया और सेवा कार्यों से जोड़े रखा।
उन्होंने कहा, “राधेश्याम भैया और अमिता भाभी ने जिस तरह से इस महाविद्यालय की नींव को अपने पिता के सपनों के अनुसार सींचा है, वह प्रेरणादायक है। उनका निरंतर मार्गदर्शन मुझे इस नई जिम्मेदारी को निभाने में शक्ति देगा।”
आर्ट ऑफ लिविंग परिवार का मिला आशीर्वाद
मनीष वर्मा ने बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग के मुख्यालय से आईं एसएसआरवीएम ट्रस्ट एवं आर्ट ऑफ लिविंग के उच्च शिक्षा विभाग की प्रमुख दिव्या कांचीभोटलाऔर संजय पांडेय सहित सभी वरिष्ठ सहयोगियों का हृदय से आभार जताया। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु से मिले मार्गदर्शन और सहयोग के बिना यह संभव नहीं था।
उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग गोरखपुर परिवार के सभी साधकों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने हमेशा उनके हर सेवा कार्य में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया है।
क्षेत्र में खुशी की लहर
मनीष वर्मा के प्रबंधक बनने की खबर मिलते ही सोनबरसा, डुमरी खास, बालेन्द्रपुरी और पूरे गोरखपुर जिले में उनके शुभचिंतकों, छात्रों और आर्ट ऑफ लिविंग परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों का मानना है कि एक युवा, ऊर्जावान और सेवा भावी व्यक्ति के हाथों में महाविद्यालय का प्रबंधन आने से संस्थान निश्चित रूप से प्रगति के नए शिखर छुएगा।
कबूतरी देवी राजेश्वर त्रिपाठी स्मारक पीजी कॉलेज, इस क्षेत्र के हजारों ग्रामीण छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का एकमात्र प्रमुख केंद्र है। ऐसे में मनीष वर्मा जैसे अनुभवी और आध्यात्मिक चेतना से जुड़े व्यक्ति का नेतृत्व इस कॉलेज के लिए एक नई उम्मीद बनकर आया है।






