गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :- गोरखपुर में आयोजित प्रांतीय महाधिवेशन में शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पुरानी पेंशन, स्थानांतरण, वेतनमान और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की पहल गोरखपुर में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के तीन दिवसीय प्रांतीय महाधिवेशन में शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को लेकर बड़ा प्रस्ताव […]
गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
गोरखपुर में आयोजित प्रांतीय महाधिवेशन में शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पुरानी पेंशन, स्थानांतरण, वेतनमान और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की पहल
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गोरखपुर में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के तीन दिवसीय प्रांतीय महाधिवेशन में शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को लेकर बड़ा प्रस्ताव पारित किया गया। रेलवे ऑडिटोरियम में आयोजित इस सम्मेलन में प्रदेश भर से पहुंचे शिक्षक प्रतिनिधियों ने शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के हितों से जुड़े 21 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सरकार से कार्रवाई की मांग की।
संघ के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी ने विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि माध्यमिक शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाए।
महत्वपूर्ण बिंदु
🔹 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के राजकीयकरण की मांग उठाई गई।
🔹 शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की गई।
🔹 ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया की विसंगतियों को दूर करने पर जोर दिया गया।
🔹 भ्रष्टाचार रोकने के लिए शिक्षा विभाग में ई-फाइलिंग व्यवस्था लागू करने की मांग रखी गई।
🔹 शिक्षकों के जीपीएफ खातों के रखरखाव और भुगतान की प्रक्रिया ऑनलाइन करने की मांग की गई।
🔹 कला, व्यायाम, संगीत, भाषा और शिल्प शिक्षकों को 50 प्रतिशत कोटे में पदोन्नति देने की मांग की गई।
🔹 सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों के लिए NPS से जुड़ी समस्याओं के समाधान और PRAN आवंटन सुनिश्चित करने की मांग उठी।
🔹 माध्यमिक विद्यालयों में अवैध शुल्क वसूली रोकने और आवश्यक धन उपलब्ध कराने की मांग भी प्रस्ताव में शामिल रही।
🔹 हाईस्कूल प्रधानाध्यापकों को प्रधानाचार्य ग्रेड-2 का दर्जा देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
🔹 अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त विद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग भी की गई।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शिक्षकों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। सम्मेलन में प्रदेश भर से आए शिक्षक प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर शिक्षा और शिक्षकों के हित में आवाज बुलंद की।